
childs under intoxication
अजमेर
कई खानबदोश बच्चे हैं जो भूख से पहले नशे की आग बुझाते हैं। बजरंगगढ़ चौराहा, रेलवे स्टेशन, अन्दरकोट व दरगाह क्षेत्र में सैकड़ों बच्चे ऐसे हैं जो खानाबदोश जिन्दगी बसर करने के साथ नशे की जद में कैद होकर रह गए हैं। यह बच्चे सोल्यूशन आदि का नशा करते हैं।
पत्रिका टीम को बजरंग चौराहा और रेलवे स्टेशन के आसपास कुछ ऐसे बच्चे नजर आए। बजंरगढ़ चौराहे पर नाबालिग राजू (नाम बदला हुआ) मोटा सफेद कपड़ा मुंह में दबाए नजर आ आया। पत्रिका टीम उसके पास पहुंची तो वह कुछ छुपाने का प्रयास करने लगा।
नजदीक पहुंचते ही उसने वहां से दौड़ लगा दी। चौराहे पर बैठी उसकी बहन ने बताया कि तीनों बहन-भाई लम्बे समय से बजरंगगढ़ चौराहे पर ही रह रहे हैं। पहले बड़ा भाई और अब छोटा भाई सोल्यूशन का नशा करने लगा है।
कई बच्चे हैं गिरफ्त में
इसी तरह बजरंगगढ़ चौराहा से सर्किट हाउस की तरफ आ रहा एक युवक भी मुंह पर कपड़ा लगाकर सोल्यूशन का पफ लेता आ रहा था। पत्रिका टीम पर उसकी नजर पड़ी तो वह वापस लौट गया। पूछताछ में सामने आया कि बजरंगगढ़ चौराहे पर ही करीब दो दर्जन से ज्यादा बच्चे हैं जो सोल्यूशन आदि का नशा करते हैं।
काम नहीं आए प्रयास
शहर में अनेक संस्थाए समय-समय पर ऐसे बच्चों के लिए अभियान चलाती हैं। लेकिन कुछ दिन बाद यह बच्चे फिर से नशे की लत पकड़ लेते हैं। राजस्थान बाल अधिकारी आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने भी गत वर्ष बजरंगगढ़ चौराहा पर चौबीस घंटे तक बच्चों में नशे की लत को दूर करने के लिए पेंटिंग कैम्पेन चलाया।
मुफ्त का खाना, भीख से नशा
बजरंगगढ़ चौराहा पर सामाजिक संगठन, संस्थाओं के अलावा पुलिस की अनदेखी का नतीजा है कि बजरंगगढ़ चौराहा, दरगाह बाजार, रेलवे स्टेशन, गांधीभवन चौराहा के आसपास बच्चे भिक्षावृत्ति व नशा करते नजर आ जाएंगे। खास बात यह है सुबह-शाम बजरंगगढ़ चौराहा और रामप्रसाद घाट पर मुफ्त में मिलने वाले भोजन के बाद भीख में मिले पैसे से नशे की लत पूरी हो जाती है।
Published on:
09 Nov 2018 09:53 am
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