
bank
अजमेर. अजमेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (सीसीबी) के कर्मचारियों तथा पेंशनर्स को 14 वें वेतनमान का बकाया डेढ़ करोड़ रुपए का एरियर आखिरकार एक साल बाद मिल गया। बैंक प्रबन्धन ने साधारण सभा की बैठक का आयोजन कर प्रस्ताव पास किया तथा कर्मचारियो के खाते में बकाया एरियर की राशि का भुगतान किया। पेंशनसर्स के भी उनकी हिस्सा राशि उनके खाते में भेजी गई। बकाया एरियर भुगतान का प्रस्ताव दिसम्बर माह में होने वाली बैंक की साधारण सभा की बैठक में ही पास होना था लेकिन बैंक एमडी के एपीओ होने तथा इसके बाद निकाय चुनाव की आचार संहिता के कारण बोर्ड बैठक का आयोजन नहीं किया जा सका था।
पत्रिका ने उठाया मामला
दिसम्बर माह में राजस्थान पत्रिका ने इस मामले को प्रमुखता से उजागर किया था। इसके बाद जिला कलक्टर ने मामले की जांच शुरू करवाई तथा सहकारिता विभाग ने बैंक के तत्कालीन एमडी बजरंग लाल झारोटिया को नोटिस जारी करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की। बैंक एमडी द्वारा बैंक कार्मिकों एरियर का भुगतान सहकारिता विभाग के आदेश के एक वर्ष बाद भी नहीं करने के कृत्य को विभागीय आदेशों का खुला उल्लंघन माना गया बाद में झारोटिया को एपीओ का बैंक से हटा दिया गया। वे चार माह बाद भी एपीओ ही चल रहे हैं।
यह है मामला
सहकारिता विभाग के 23 जनवरी 2020 ही आदेश जारी कर कर्मचारियों के बकाए एरियर का लाभ 1 जनवरी 2014 से दिए जाने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद बैंक प्रबन्धन ने करीब एक साल से कर्मचारियों को करीब पौने दो करोड़ रुपए का बकाया एरियर के भुगतान पर कुंडली मारे बैठा रहा। जबकि बैंक एमडी की ओर सहकारिता विभाग को 20 मार्च 2020 को सहकारिता विभाग को पत्र लिख कर बताया कि 15वां वेतनमान 1 जनवरी 2014 से लागू कर दिया गया है। कर्मचारिया को जनवरी माह का वेतन भुगतान कर दिया गया है। एरियर में से पीएफ तथा आयकर की कटौती कर ली गई है, लेकिन कर्मचारियों को बकाया एरियर दिया ही नही गया। एमडी ने देय एरियर राशि से पीएफ तथा आयकर कटौती,फार्म 16 के बावजूद भुगतान राशि को किसी शाखा के सन्ड्री क्रेडिएटर में होल्ड कर दिया था।
read more:
Published on:
09 Mar 2021 09:59 pm
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
