
अजमेर. स्मार्ट सिटी smart city के टेंडर tender गड़बडिय़ों irregularities की जांच केन्द्रीय सतर्कता आयोगCentral Vigilance Commission (सीवीसी) करेगा। सीवीसी ने स्मार्ट सिटी से सम्बन्धित कई प्रोजेक्टों, टेंडर प्रकिया के जांच investigat के दायरे में लिया है। केंद्रीय सतर्कता आयोग स्मार्ट सिटी में प्रोजेक्टों के मनमाफि क दिए गए दरों पर टेंडर, बिना वित्त विभाग के स्वीकृत पद नियुक्ति के मामले और कराए गए काम,पूर्व महापौर द्वारा स्मार्ट सिटी के चेयरमैन को जांच के लिए सौंपे गए मामले और उठाए गए बिंदुओं, स्मार्ट सिटी की तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी चिन्मयी गोपाल द्वारा स्मार्ट के पांच प्रोजेक्टों को लेकर मुख्य अभियंता पर अनौपचारिक टिप्पणी की अब जांच होगी। चिन्मयी गोपाल अनौपचारिक टिप्पणी लिखकर खुद स्मार्ट सिटी की कार्यशैली पर सवाल उठा चुकी हैं। कई मामलों पर तो उन्होंने खुद रोक लगवाई थी। महापौर के मामलों की जांच अब तक नहीं हो सकी। अभियंताओं ने गोपनीय पत्र भी लिखे। प्रोजेक्टों के मेटेरियल यूज करने में गड़बड़ी की जा रही है।
केन्द्र सरकार कर रही स्मार्ट सिटी की फंडिंग
केन्द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) भारत सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों से सम्बन्धित भ्रष्टाचार नियंत्रण की सर्वोच्च संस्था है। इसकी स्थापना वर्ष 1964 में की गयी थी। इस आयोग के गठन की सिफ ारिश संथानम समिति द्वारा की गई थी जिसे भ्रष्टाचार रोकने से सम्बन्धित सुझाव देने के लिए गठित किया गया था। स्मार्ट सिटी के लिए केन्द्रीय शहरी आवसन विभाग द्वारा फंडिंग की जा रही है,यह केन्द्र सरकार की योजना है।
काम बंद करवाएं तो मुकदमा दर्ज कराओ. . .!
जिला कलक्टर ने पुरातत्व विभाग द्वारा पार्र्किंग का काम बंद करवाने पर जताई नाराजगी
स्मार्ट सिटी के कार्यों का किया निरीक्षण कर मुख्य अभियंता को दिए निर्देश
अजमेर. जिला कलक्टर एवं अजमेर स्मार्ट सिटी लिमिटेड अजमेर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाश राजपुरोहित ने बुधवार को शहर मेें स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों का मौका निरीक्षण किया। अजमेर किले के निरीक्षण के दौरान पार्कि ंग का काम बंद मिलने पर उन्होंने जानकारी ली तो पुरातत्व विभाग की ओर से काम बंद करवाना बताया गया। इस पर पुरातत्व विभाग के नीरज त्रिपाठी ने स्थानीय स्तर पर काम बंद नहीं करवाने तथा केन्द्रीय पुरातत्व विभाग की जानकारी नहीं होने का तर्क दिया। इस पर जिला कलक्टर ने स्मार्ट सिटी के मुख्य अभियंता को काम बंद करवाने वाले अधिकारी के खिलाफ राजकाज में मुकदमा दर्ज करवाने के निर्देश दिए।
एलीवेटेड रोड के काम में लाओ तेजी
कचहरी रोड पर एलीवेटेड रोड के निरीक्षण के दौरान उन्होंने आरएसआरडीसी के अधिकारियों एवं ठेकेदार को पाइल्स की जगह लगभग क्लीयर होने से कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। दो पाइल्स पर आ रही पाइप लाइन को शिफ्ट करने के लिए पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता ने शिफ्टिंग का कार्य कर लिए जाने की जानकारी देते हुए दोनों सिरों पर इन्टर कनेक्शन का कार्य शीघ्र पूर्ण कर साइट क्लीयर करने का भरोसा दिलाया।
यहां भी देखे काम
स्मार्ट सिटी के लेक फ्रंट, बर्ड पार्क एवं अजमेर के किले के जीर्णोद्धार कार्यों का भी निरीक्षण किया। पीएचइडी को महाराणा प्रताप नगर योजना में वाटर सप्लाई कार्यों के लिए टेंडर आमंत्रित करने हेतु निर्देशित किया। जयपुर रोड सिक्स लेन कार्य के निरीक्षण के दौरान कलक्टर ने जलदाय विभाग तथा अजमेर डिस्कॉम को जल्द काम पूरा करने को कहा।
75 करोड़ के नए कार्यों की भी जारी की जाएंगी निविदाएं
स्मार्ट सिटी के लक्ष्य तय
अजमेर.जिला कलक्टर एवं अजमेर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकश राजपुरोहित ने स्मार्ट सिटी अभियंताओं को दीपावली तक 112 करोड़ के प्रोजेक्ट के कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। इन प्रोजेक्ट में कलक्ट्रेट भवन, गांधी स्मृति उद्यान, विवेकानंद पार्क, जेएलएन अस्पताल में पीजी गल्र्स होस्टल, शहर की प्रमुख सड़कों का नवीनीकरण व आनासागर पाथ वे आदि शामिल हैं।उन्होंने अधिकारियों को तय मानदंड के अनुसार हुए कार्यों के भुगतान हेतु निर्देशित किया।
अजमेर स्मार्ट सिटी कार्यों के तहत शहर में वर्तमान तक 673 करोड़ के कार्यादेश जारी हो चुके हैं। इनमें से 36 करोड़ के प्रोजेक्ट पूरे किए जा चुके हैं एवं शेष पर कार्य प्रगति पर हैं। अजमेर स्मार्ट सिटी द्वारा दीपावली तक 75 करोड़ के नए कार्यों की निविदाएं आमंत्रित करने हेतु भी निर्देशित किया गया है।
एडीए अभियंताओं को अतिरिक्त जिम्मेदारी
बैठक में राजपुरोहित ने अजमेर स्मार्ट सिटी में अजमेर विकास प्राधिकरण से 5 कनिष्ठ अभियंता, 1 वरिष्ठ सहायक और 1 सूचना सहायक को अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा है।
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Published on:
28 Oct 2020 10:26 pm
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