
प्रधानमंत्री आवास योजना में हकदारों से नाइंसाफी,रसूखदारों के मजे
अजमेर/चूरू. प्रधानमंत्री आवास योजना के पीछे केन्द्र सरकार का यही लक्ष्य है कि कोई गरीब बेघरबार नहीं रहे। उसका भी आशियाना बने,ताकि वह चैन की नींद सो सके। इसके लिए कागजी प्रक्रिया के बाद सम्बन्धित को लाभान्वित किया जाता है।
दूसरी ओर चूरू जिले की राजगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र के कई लोगोंम की शिकायत है कि उन्हें इस योजना से वंचित किया जा रहा है। नियम-कायदों के हिसाब से वह लाभान्वित होने के हकादर हैं,लेकिन पंचायत समिति प्रशासन चहेतों को अधिक मौका दे रहे हैं। आरोप है कि सिफारिश या सुविधा शुल्क बगैर प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम नहीं जोड़ा जा रहा।
शिकायत की अनदेखी पर रोष
राजगढ़ पंचायत समिति में प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए स्वीकृतियां जारी की गई थी, लेकिन इसमें योग्य व्यक्तियों का वंचित कर दिया गया। अपने चहेते लोगों से सांठगांठ कर उन्हें लाभान्वित कर दिया गया। जब इस संबंध में शिकायत की गई तो मामले को दबाने में विभागीय अधिकारियों ने भी कोई कमी नहीं छोड़ी परिणाम ये निकला की दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी और मामला रफा-दफा होने की स्थिति में आ गया।
विभाग ने इस मामले की जांच के लिए विभाग के ही अधिकारियों पर लगाए जिन पर पहले से ही जांच को प्रभावित करने का आरोप है। इस संबंध में ग्रामीणों ने जिला कलक्टर से भी शिकायत की है और जांच अधिकारी बदलकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ऐसे कर रहे परेशान
प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत दुमकी के गंगाराम ने योजना में आवेदन किया था, जिसे पूर्व मे लाभान्वित होने का कहकर उसे आवास से वंचित कर दिया। इसी प्रकार इसी गांव के प्रभुराम ने भी आवास के लिए आवेदन किया। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने कथित मिलीभगत के कारण उसका पक्का मकान होने की कहकर उसे भी योजना का लाभ देने से वंचित कर दिया। इसके अलावा दुमकी के दुलीचंद को गांव की सर्वे सूची में नाम नहीं होने के कारण उसे भी इस लाभ से किनारे कर दिया। ये तो चंद उदाहरण है। लेकिन राजगढ़ पंचायत समिति मेें कई योग्य व्यक्तियों के मामले हैं जिनको आज भी आवास का इंतजार है।
शिकायत पर कराई जांच,केवल दिखावटी
ग्रामीणों ने इस मामले 2 जुलाई को उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी सतबीर कड़वासरा, ग्राम सहायक रामकिशन जाट के खिलाफ शिकायत की और तत्कालीन जिला कलक्टर के समक्ष परिपत्र रखा। कलक्टर के आदेश पर राजगढ़ विकास अधिकारी ने एक जांच दल नियुक्त किया। इसमें पंचायत प्रसार अधिकारी विजयदान, ग्राम विकास अधिकारी हरिपाल को शामिल किया गया। इन दोनों ने अपने ही विभाग के अधिकारियों को बचाने के लिए एक तरफा जांच की। शिकायतकर्ताओं से बातचीत तक नहीं की। ऐसे में जांच दल ने सांठ-गांठ कर जांच को प्रभावित किया। जिससे जरुरतमंद परिवार इस योजना का लाभ नहीं ले पाए।
अब जांच बदलवाने की मांग
गांव के लोगों ने इस जांच से नाखुश होकर अब जांच अधिकारी बदलने की मांग की है। उन्होंने 27 जुलाई को कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और जांच अधिकारी बदलने की मांग की है। साथ ही योग्य परिवारों को इस आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग जिला कलक्टर से की है। इस आशय का ज्ञापन धानोठी बड़ी ग्रामीणों ने सौंपा है। ज्ञापन देने वालों में रामेश्वरप्रसाद नायक, एडवोकेट चेतन स्वरूप, प्रदीप पूनिया, जयसिंह नायक, ओमप्रकाश बाकोलिया, बलकेश, धर्मेन्द्र, रामप्रकाश, गंगाराम, डूंगरसिंह, आदराम आदि रहे।
इनका कहना है
मेरे काम में कोई अनियमितता नहीं है। जांच कमेटी ने इस प्रकरण में जो जांच की है। वह एकदम सही है। जिन 78 लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभान्वित किया गया है। उनमें सभी योग्य व्यक्ति है। ग्रामीणों की ओर से लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद व निराधार है।
सतवीर कड़वासरा, ग्राम विकास अधिकारी
ग्रामीणों की ओर से की गई शिकायत राजनीति से प्रेरित है। हमारे खिलाफ शिकायत की गई थी। जांच अधिकारी ने जांच की थी। उसमें भी कुछ नहीं आया है। अब ग्रामीण संतुष्ट नहीं है तो वे उच्चाधिकारी से जांच करवा सकते हैं।
रामकिशन, ग्राम सहायक
जांच के लिए दूसरे लोग लगाए थे। उन्होंने जांच कर दी। अब ग्रामीण जांच बदलवाने की मांग कर रहे हैं। 2011 की सर्वे सूची ग्राम सभा में अनुमोदित की गई है। इसके मुताबिक ही आवास बनाकर दिए गए हैं। ग्रामीण जांच अधिकारी बदलने की मांग कर रहे हैं। पूर्व की जांच में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है।
बलवंत, कार्यवाहक विकास अधिकारी, राजगढ़
Published on:
29 Jul 2020 07:36 am
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
