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कलक्टर की नजरों से नहीं बच सके अफसर, पोल खुलते ही कबूलना पड़ा सच

डोगरा ने मौके पर मौजूद सहायक पर्यटन निदेशक संजय जौहरी से इस बारे में जवाब मांगा तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की।

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construction work

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पुष्कर

सरोवर के घार्टां के सौन्दर्यीकरण को लेकर पर्यटन विभाग की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्यो में लीपापोती उजागर हुई है। खास बात तो यह है कि करोड़ों रुपए के विकास कार्यो में घटिया किस्म के पत्थर लगाए जा रहे हैं तथा पर्यटन विभाग के उपनिदेशक सहित जिले के अधिकारी इस बारे में पूरी तरह से अनभिज्ञ हैं।

जिला कलक्टर आरती डोगरा ने पुष्कर घाट निरीक्षण किया तो यह गंभीर मामला उजागर हुआ। सहायक पर्यटन निदेशक ने कार्यों को लेकर विभागीय अन्तर्विरोध होना कबूल किया।
सरोवर के घाटों के सौन्दर्यकरण को लेकर पर्यटन विभाग के अधीन प्रसाद योजना में घाटों पर पत्थर लगाने का काम किया जा रहा है।

कलक्टर डोगरा ने शाम को अचानक घाटों का निरीक्षण किया ग्वालियर घाट, जयपुर घाट, वराह घाट के पास लगाए गए लाल पत्थर उखड़े हुए नजर आए। कई पत्थर तो टूट चुके थे। डोगरा ने मौके पर मौजूद सहायक पर्यटन निदेशक संजय जौहरी से इस बारे में जवाब मांगा तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। यह सुनकर डोगरा अचम्भित रह गईं।

पर्यटन अधिकारी संजय जोहरी ने आरोप लगाया कि घाटों पर किए जा रहे सारे कार्य सीधे जयपुर से कराए जा रहे हैं तथा इनकी जानकारी जिले के अधिकारी को नही दी जा रही है। कलक्टर डोगरा ने पुलिया पर कराए जा रहे निर्माण पर संतोष व्यक्त किया।

सूचीबद्ध अधिकांश कार्य शुरू ही नहीं

कलक्टर डोगरा ने पर्यटन विभाग के निर्देशन में सरोवर के घाटों पर कराए जा रहे सूची बद्ध कार्यों का मिलान किया तो अधिकांश कार्य अब तक शुरू की नही हो पाए है। जवाब मांगने पर पर्यटन निदेशक व अन्य अधकारी बगलें झांकते नजर आए।

अपनी ही सरकार के सामने पड़ रहा गिड़गिड़ाना

सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में हंगामा हुआ। प्राचार्य की गैर मौजूदगी से नाराज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने उनके कमरे में जबरदस्त प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्राचार्य की कुर्सी को उठा लिया। मौके पर मौजूद क्लाक टावर थाना पुलिसकर्मियों ने छात्रों को खदेड़ दिया। साथ ही तीन छात्रों को पकड़कर थाने ले गए। इससे एकबारगी कॉलेज में अफरा-तफरी का माहौल हो गया।

विद्यार्थी परिषद के महानगर मंत्री मेहुल गर्ग सहित अन्य छात्रों ने सुबह नारेबाजी की। वे प्रथम वर्ष वाणिज्य और विज्ञान में सीट बढ़ाने का ज्ञापन देने प्राचार्य कक्ष में पहुंचे। काफी देर इंतजार करने के बाद भी प्राचार्य अथवा उपाचार्य कक्ष में नहीं पहुंचे। इससे छात्रों में नाराजगी बढ़ गई। इसी दौरान उनकी कक्ष में मौजूद कर्मचारी से बहस हो गई।

कर्मचारी के कथित तौर पर कमरे से बाहर निकलने की बात कहने पर छात्र भड़क गए।कुर्सी उठाई, कमरे को बंद करने का प्रयासनाराज छात्रों ने प्राचार्य की कुर्सी उठा ली। वहां मौजूद अन्य कार्मिकों और छात्रों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद छात्रों ने प्राचार्य कक्ष को बंद करने का प्रयास किया। इससे माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही कॉलेज के कई शिक्षक मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान क्लाक टावर पुलिसकर्मियों ने छात्रों को खदेडऩा शुरू कर दिया। छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस महानगर मंत्री मेहुल गर्ग, दयानंद कॉलेज इकाई अध्यक्ष विशाल सिंह रावत और आशूराम डूकिया को पकड़कर थाने ले गई। दोपहर में उन्हें छोड़ दिया गया।

आपको क्यों दें ज्ञापन!

कुछ पुलिसकर्मियों ने विद्यार्थी परिषद के छात्रों से प्राचार्य का नाम ज्ञापन उन्हें देने को कहा। इस पर महानगर मंत्री गर्ग ने कहा कि प्राचार्य लम्बे अर्से से नियमित कॉलेज नहीं आ रहे। उपाचार्य भी नहीं मिलते हैं। न आप कॉलेज में कार्यरत हैं, न ही समस्याओं का समाधान नहीं करा सकते हैं। ऐसे में हम आपको ज्ञापन नहीं दे सकते।

एनएसयूआई ने किया प्रदर्शन
प्रथम वर्ष में सीट बढ़ाने की मांग को लेकर एसयूआई के छात्रों ने भी सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में प्रदर्शन किया। छात्रों ने जिलाध्यक्ष नवीन सोनी और रियाज खान के नेतृत्व में उपाचार्य को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष सोनी ने बताया कि कॉलेज शिक्षा निदेशालय के कार्यक्रम के अनुसार अब तक प्रवेशित विद्यार्थियों और प्रतीक्षा सूची का प्रकाशन किया गया है। जबकि प्रतिवर्ष तीन सूचियों के प्रकाशन के बाद प्रतीक्षा सूची जारी होती है। इस बार प्रतीक्षा सूची में शामिल विद्यार्थियों को प्रवेश से वंचित रखा गया है।