
admission policy declare
अजमेर.
कोविड-19 के चलते राज्य के सभी कॉलेज में प्रथम वर्ष में अब प्राप्तांकों के आधार दाखिले होंगे। सरकार ने परसेंटाइल फार्मूले को हटा दिया है। कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने सत्र 2020-21 की प्रवेश नीति जारी कर दी है। स्नातक प्रथम वर्ष और स्नातकोत्तर पूर्वाद्ध में ऑनलाइन फार्म भरने का कार्यक्रम केंद्र और राज्य सरकार की कोविड-19 से जुड़ी एडवाइजरी जारी होने के बाद जारी होगा।
राज्य के सभी सरकारी और निजी कॉलेज में उच्च शिक्षा विभाग की प्रवेश नीति के अनुसार दाखिले होते हैं। सत्र 2020-21 के लिए भी प्रवेश नीति जारी की गई है। बीए-बीकॉम प्रथम वर्ष कला अैार वाणिज्य संकाय में पास कोर्स में प्रवेश के लिए 45 प्रतिशत और बीएससी प्रथम वर्ष विज्ञान संकाय में प्रवेश के लिए 48 प्रतिशत अंक आवश्यक है। स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश विश्वविद्यालयों के बीए, बी.कॉम, बी.एससी पार्ट तृतीय परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद प्रारंभ होंगे। मालूम हो कि प्रथम वर्ष में प्राप्तांकों के बजाय परसेंटाइल फार्मूले के आधार पर प्रवेश दिए जाते थे। इससे सीबीएसई के विद्यार्थी दाखिले लेने में पिछड़ जाते थे।
प्रवेश नीति के अहम बिंदू
-राज्य के सभी कॉलेज में ई-कंटेंट से ऑनलाइन पढ़ाई
-प्रतिमाह के द्वितीय और चौथे शनिवार को आइडिया कार्यक्रम
-प्रतिमाह अंतिम शनिवार को पीटीएम
-गरीब विद्यार्थियों के लिए सभी कॉलेज में बुक बैंक
-लॉ कॉलेज में बार कौंसिल ऑफ इंडिया की मंजूरी से प्रवेश
-मूक बधिर/दृष्टिहीन विद्यार्थियों के लिए अर्हकारी परीक्षा उत्तीर्ण करने के नियम में शिथिलता
-स्नातक प्रथम वर्ष और स्नाकोत्तर उत्तर्राद्र्ध के प्रवेश होंगे ऑनलाइन
-विद्यार्थियों को वर्गवार राज्य सरकार के नियमानुसार आरक्षण
-1 जुलाई से सत्र 2020-21 की शुरुआत
दसवीं-बारहवीं के रिजल्ट तैयार करने में जुटेगा सीबीएसई
अजमेर. सीबीएसई ने दसवीं और बारहवीं की बकाया परीक्षाएं नहीं कराने का फैसला किया है। बारहवीं के विद्यार्थियों को स्थिति सामान्य होने पर परीक्षा देने का विकल्प भी दिया है। ताकि वे बेहतर परफॉर्म कर सकें। हालांकि बोर्ड शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल करेगा। इसके बाद परीक्षाओं को लेकर अधिकृत आदेश जारी होंगे।
Published on:
26 Jun 2020 07:43 am
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
