4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

#Rajasthan Crime-बुजुर्ग से 4.39 लाख की ठगी के मामले में फर्जी डॉक्टर समेत 3 आरोपी भोपाल से गिरफ्तार

अपराध पर शिकंजा : यूनानी थेरेपी से इलाज का दिया था झांसा, 400 सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल आरोपियों को दबोचा, मध्यप्रदेओश भोपाल से पकड़ा गया संगठित गिरोह, उपकरण, नकदी, वाहन व 12 मोबाइल जब्त
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

Manish Singh

•

Updated: 11 Apr 2026, 1:48 PM IST

बुजुर्ग से 4.39 लाख की ठगी के मामले में फर्जी डॉक्टर समेत 3 आरोपी भोपाल से गिरफ्तार

कोतवाली थाना पुलिस की गिरफ्तर में बुजुर्ग से ठगी के तीन आरोपी। पत्रिका

अजमेर(Ajmer News). शहर में यूनानी थेरेपी के नाम पर एक बुजुर्ग से लाखों रुपए की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का जिला पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के गुर्गे फर्जी डॉक्टर बनकर घर पर इलाज करने पहुंचे आरोपियों ने 73 बार ‘मवादनिकालने’ के नाम पर 4.39 लाख रुपए ऐंठ लिए। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार मध्यप्रदेश भोपाल से गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से नकदी, उपकरण, मोबाइल, वारदात में इस्तेमाल कार जब्त की है।

पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि 65 वर्षीय बुजुर्ग के साथ यूनानी थेरेपी से इलाज के नाम पर ठगी के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की। अभय कमांड सेंटर, निजी मकान और दुकानों के करीब 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज के आधार पर संदिग्ध कार की पहचान कर उसके रजिस्ट्रेशन से मोबाइल नम्बर ट्रेस किए। मोबाइल फोन लोकेशन के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को मध्यप्रदेश भोपाल से बारां अंता भाया की बाड़ी वार्ड 10 निवासी दीन मोहम्मद(38), मोहम्मद कादिर(28) व कोटा विज्ञान नगर संजयनगर निवासी मोहम्मद आसिफ(35) को गिरफ्तार किया गया।

गिरोह का तरीका बेहद शातिराना

एसपी अग्रवाला ने बताया कि जांच में सामने आया कि गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहनों पर रेडियम टेप लगाने की आड़ में घूमता रहता है। वे ऐसे लोगों को चिह्नित करते है जो शारीरिक समस्या से ग्रस्त और आर्थिक रूप से सक्षम दिखते थे।

-पहले एक सदस्य झांसा देकर भरोसा जीतता, फिर महिला बनकर फोन पर बात करता और अंत में फर्जी डॉक्टर बनकर घर पहुंचकर ठगी की वारदात को अंजाम देता था।

जब्त सामग्री

एसपी अग्रवाला ने बताया कि पुलिस टीम ने आरोपियों से इलाज में उपयोग किए जाने वाले उपकरण, कुप्पी व दवाइयां, 33 हजार 800 रुपए की नकदी, 12 मोबाइल फोन व 9 सिम कार्ड के अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट कार और रेडियम क्रॉम टेप के बंडल जब्त किया है।

यह है मामला

पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि अजमेर के ब्रह्मपुरी निवासी 62 वर्षीय बुजुर्ग ने गत 26 मार्च को सदर कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि अज्ञात व्यक्ति ने उनसे सम्पर्क कर घुटने के दर्द का इलाज कराने का झांसा दिया। आरोपी ने खुद को शुभचिंतक बताते हुए कथित डॉक्टर ‘समीरजरीवाला’ का नम्बर दिया।

-दूसरे दिन फर्जी डॉक्टर बनकर आरोपी पीड़ित बुजुर्ग के घर पहुंचे और ‘सिंघी’ के जरिए मवाद निकालने की प्रक्रिया शुरू की। हर बार के 6000 रुपए तय कर 73 बार प्रक्रिया कर 4.39 लाख रुपए नकद ले लिए और फरार हो गए।

झांसे में ना आए आमजन

एसपी अग्रवाला ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या कथित डॉक्टर के झांसे में ना आए। शातिर ठग झांसे में लेकर घर पर इलाज का झांसा देकर कभी भी अप्रिय को घटनाकारित कर सकते है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।