शादी समारोह में हलवाई, बैंड-बाजा, घोड़ी, ढोल, सब्जी-फल, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों की खरीद नकद में ही करनी पड़ती है। इसके अतिरिक्त लेन-देन भी नकद ही होता है। वर और वधू पक्ष ने शादी के लिए पांच सौ और हजार के नोट बैंकों से कुछ दिन पहले ही निकाले थे। लेकिन मंगलवार शाम जैसे ही नोट बंद होने की खबर लगी तो शादी की खुशी नोटों की चिंता में बदल गई। बैंक बंद होने और गुरुवार से भी दो चार हजार से अधिक निकासी नहीं करने की मजबूरी के कारण वर और वधू के माता पिता और भाई बहनों की परेशानी बढ़ गई है।