
अजमेर. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट चिकित्सकों की हड़ताल के चलते अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या बहुत कम हो गई है। कई वार्ड तो मरीजों से खाली हो गए। सीनियर चिकित्सकों/लेक्चरर भी नए मरीजों को भर्ती करने से बच रहे हैं और जो भर्ती हैं उनमें से भी डिस्चार्ज किया जा रहा है। उधर, आउटडोर भी 30 प्रतिशत रह गया है। सर्जरी ऑपरेशन को टाला गया है। जनाना अस्पताल में भी सर्जरी के प्रसव को फिलहाल एक-दो दिन के लिए टला गया है।
मेडिकल कॉलेज के संबद्ध जेएलएन अस्पताल, जनाना अस्पताल में रेजीडेंट चिकित्सकों की हड़ताल के चलते चिकित्सा सेवाएं चरमरा गई हैं। मेडिकल कॉलेज के टीचर्स एसोसिएशन भी कभी भी हड़ताल पर जा सकते हैं। फिलहाल अस्पताल में मरीज नर्सिंगकर्मियों के भरोसे भर्ती हैं। सीनियर चिकित्सकों के राउंड के दौरान अब रेजीडेंट की बजाय नर्सिंगकर्मी ड्यूटी दे रहे हैं। बुधवार को अधिकांश वार्डों में पलंग खाली हो गए। रेजीडेंट चिकित्सक एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्येन्द्र नरूका ने बताया कि रेजीडेंट चिकित्सकों ने सुबह से ही कैज्युल्टी के बाहर एकत्र होकर प्रशासन के रुख का इंतजार किया मगर पुलिस प्रशासन रेजीडेंट चिकित्सकों की प्रमुख मांग पर गौर नहीं कर रहा है।
ये है वर्तमान में स्थिति
-3000-3500 की ओपीडी रहती थी अस्पताल में आम दिनों में जो हड़ताल में घटकर 1700 मरीजों की रह गई
-150 नए मरीजों का इंडोर होता था आम दिनों में जो घटकर 40 का रह गया।
-280 रेजीडेंट हड़ताल पर हैं मेडिकल कॉलेज के
वार्डों में कराह रहे मरीज
वार्डों में भर्ती मरीज भी करार रहे हैं। नर्सिंगकर्मी भले ही उनकी देखभाल कर रहे हों मगर बिना रेजीडेंट चिकित्सक या सीनियर चिकित्सकों के उनका प्रॉपर चैकअप, अपडेट नहीं हो रहा है। बुधवार को भी ईएनटी में एक रोगी कराह रहा था और परिजन लाचार खड़े थे। आईसीयू में एक मरीज के दम तोड़ देने से परिजन विलाप कर रहे थे। ईएनटी के फिमेल वार्ड में एक महिला मरीज दर्द से परेशान थी। वार्ड के अधिकांश बैड खाली हो गए। चिल्ड्रन वार्ड में भी कई बैड खाली हो गए।
प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज से पहुंचे पदाधिकारी
रेजीडेंट चिकित्सकों की हड़ताल के चलते प्रदेश की सभी मेडिकल कॉलेज से राजस्थान रेजीडेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी बुधवार रात्रि अजमेर पहुंच गए। दोबारा ऐसी घटनाओं की पुनरावृक्कि न हो तथा पुलिस व डॉक्टर्स के बीच टकराव न हो इसके लिए गाइड लाइन व प्रोटोकॉल तैयार करने पर मंथन किया गया। प्रशासन के साथ गुरुवार को वार्ता में ये शामिल हो सकते हैं। आरडीए जयपुर के जनरल सेकेट्री डॉ. राकेश फागरिया, कोटा के अध्यक्ष डॉ. नरेन्द्र सिन्दोलिया, उपाध्यक्ष डॉ. चिरंजी दायमा, झालावाड़ के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत बेनीवाल पहुंचे। वहीं जयपुर, उदयपुर, जोधपुर से भी पहुंच रहे हैं।
रेजीडेंट चिकित्सकों की हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। जयपुर से राजस्थान रेजीडेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक शाम को होनी थी मगर करीब 7 बजे तक कोई नहीं पहुंचा।
-डॉ. अनिल जैन, प्राचार्य जेएलएन मेडिकल कॉलेज अजमेरये है मामलाराजकीय जनाना अस्पताल में विगत दिनों प्रसूता की ओर से कराए एक मामले में पुलिस ने लेबर रूम में बिना इजाजत प्रवेश कर ड्यूटी डॉक्टर के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की। रेजीडेंट चिकित्सकों का आरोप था कि अधीक्षक, प्रिंसीपल की बिना इजाजत के पुलिसकर्मी लेबररूम में प्रवेश कर जच्चा-बच्चा की जान को तथा संक्रमण का खतरा उत्पन्न किया। इस घटना के बाद रेजीडेंट चिकित्सक हड़ताल पर चले गए।
Published on:
22 Nov 2018 01:49 pm
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