
कोरोना का साया : ढाई सदी में पहली बार सालासर मंदिर के पट रहे बंद,ऑनलाइन कराए दर्शन
अजमेर/चूरू. कोरोना महामारी के चलते इस साल सालासर बालाजी का 266वां स्थापना दिवस धूमधाम से नहीं मनाया जा सका। बालाजी मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं ने बालाजी के धोक लगाई। कोरोना के चलते मंदिर के मुख्य गेट पर ताले लटके पड़े हैं।
श्रद्धालु गृभ गृह तक नहीं जा पाए। मंदिर के प्रवेश द्वार से पर ही मत्था टेक कर अपनी मनोकामनाएं की। गौरतलब है कि बालाजी मंदिर पर भारत ही नहीं विदेशों से भी प्रवासियों की गहरी आस्था है। पिछले तीन माह से मंदिर क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां की धर्मशालाएं व होटले खाली है। दुकानदार मायूस हैं।
ऑनलाइन बालाजी के कराए दर्शन
बालाजी मंदिर के स्थापना दिवस पर पुजारी परिवार द्वारा श्रीबालाजी, राम दरबार, श्याम दरबार व मोहनदासजी की पोशाक बदलकर उन्हें खीर चूरमे का भोग लगाया। साथ ही सवेरे साढ़े दस बजे भोग आरती का सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण कर लाखों भक्तो को ऑनलाइन दर्शन करवाए।
दूसरी ओर बालाजी मंदिर के स्थापना दिवस पर सालासर की श्री बालाजी गौशाला संस्थान परिसर में 40 फीट चौड़ा व 61 फीट लंबी लाल ध्वजा फहराई गई। बालाजी गोशाला अध्यक्ष रविशंकर पुजारी ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना कर ध्वजा को लहराया गया। पुजारी ने बताया कि सालासर की पहचान बालाजी व लालध्वज से होती है। नागरमल पुजारी के अनुसार कोरोना के चलते कई श्रद्धालुओं ने मुख्य गेट पर शीश नवाया।
Updated on:
29 Jul 2020 07:51 am
Published on:
29 Jul 2020 07:17 am
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