6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अवैध फैक्ट्री में सस्ती शराब की महंगी पैकिंग

आबकारी विभाग की कार्रवाई-अवैध फैक्ट्री में सस्ती शराब की महंगी पैकिंग

2 min read
Google source verification

अजमेर

image

Manish Singh

Oct 13, 2020

अवैध फैक्ट्री में सस्ती शराब की महंगी पैकिंग

अवैध फैक्ट्री में सस्ती शराब की महंगी पैकिंग

अजमेर. लाइसेंसी देशी शराब के ठेकों पर बिक्री के लिए दी गई अंग्रेजी शराब की सप्लाई को महंगी ब्रांडेड की पैकिंग में रीफिल करने गौरखधंधा चल रहा है। जिला आबकारी विभाग की टीम ने मंगलवार शाम शहर में रिहायशी इलाके में मकान में चल रही अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। दल ने यहां से दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए यहां भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की।

आबकारी निरीक्षक तरुण अरोड़ा ने बताया कि अतिरिक्त आयुक्त राजेन्द्रसिंह राठौड़ के दिशा निर्देश पर अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में मंगलवार शाम को माकड़वाली रोड जी ब्लॉक रामदेव नगर में मुखबिर की सूचना पर एक मकान पर दबिश दी। कार्रवाई में यहां दो जनों को आरएमएल(देशी शराब के ठेकों पर बिक्री के लिए दी जाने वाली शराब) को महंगी शराब की पैकिंग में रिफिल करते माकड़वाली रोड रामदेव नगर निवासी गोविन्द सिंह जाचक, उत्तर प्रदेश वाराणसी हाल वैशालीनगर जनता कॉलोनी निवासी अजय उर्फ चोटी जायसवाल को पकड़ा। यहां पर अंग्रेजी शराब की बोतल, पव्वे बरामद किए। कार्रवाई में आबकारी निरीक्षक अरोड़ा के साथ प्रहराधिकारी बंकट सिंह, सहायक प्रशासनिक अधिकारी परिक्षित गुजराल, जमादार औंकार सिंह, रामचन्द्र, मिश्रीलाल, आनन्द सिंह, पप्पू सिंह शामिल थे।
राजस्व को पहुंचा रहे नुकसान

आरोड़ा ने बताया कि अवैध फैक्ट्री पर इम्पिरियल ब्ल्यू विस्की के 5 पव्वे तैयार किए गए थे। इसके अलावा कन्ट्री क्लब 45 पव्वे बरामद किए गए। इनमें आरएमएल(राजस्थान मेड लीकर) देशी शराब भरी गई थी। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि शराब ठेकेदार की ओर से नकली पैकिंग कर राजकोष में राजस्व की हानि पहुंचाई जा रही है। आबकारी दल ने यहां से 35 बोतल ब्लैंडर प्राइड व 90 पव्वे मेकडोल और 17 पव्वे इम्पेक्ट विस्की के बरामद किए।

ठेकेदार की लिप्तता की होगी जांच
माकड़वाली रोड पर अवैध शराब फैक्ट्री मामले में आबकारी विभाग को शराब ठेकेदार की मिलीभगत का अंदेशा है। बिना ठेकेदार की मिलीभगत के अवैध फैक्ट्री का संचालन किया जाना संभव नहीं है। विभाग मामले की गहनता से पड़ताल में जुटी है।

पहले मामला अरांई में पकड़ा

आबकारी विभाग ने पहला मामला ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान अरांई के बोराड़ा में देशी मदिरा समूह के शराब के ठेके पर देशी शराब की अंग्रेजी शराब की महंगी पैकिंग करते पकड़ा था। मामले को जिला आबकारी अधिकारी ने गंभीर मानते हुए शराब ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त कर दिया था।