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festive season: 17 अक्टूबर से शुरू होंगे व्रत और त्यौंहार

खान-पान और पहनावा में बदलाव होगा। शुभ मुर्हूत में वैवाहिक कार्यक्रम भी होंगे।
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festive season in ajmer

festive season in ajmer

अजमेर.

आसोज अधिक मास में व्रत-त्यौंहारों की धूम शुरू होने वाली है। नवंबर तक विभिन्न त्यौंहार, व्रत-उपवास और अन्य धर्मों के कार्यक्रम होंगे। ऋतु परिवर्तन के साथ खान-पान और पहनावा में बदलाव होगा। शुभ मुर्हूत में वैवाहिक कार्यक्रम भी होंगे।

17 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र प्रारंभ होंगे। घरों-मंदिरों में विधि विधान से घट स्थापना होगी। इसके साथ ही धार्मिक कार्यक्रमों की विधिवत शुरूआत होगी। लोग नौ दिन तक व्रत और उपवास रखकर दुर्गा मैया की अराधना करेंगे। विजयदशमी पर घरों में मिठाई-पकवान बनाए जाएंगे। 25 अक्टूबर को विजयदशमी (दशहरा) मनाई जाएगी। कोरोना संक्रमण के चलते रावण दहन और रामलीला मंचन कार्यक्रम नहीं होंगे।

31 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा होगी। इसके बाद 4 नवंबर को सुहागिनें-महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखेंगी। 8 नवंबर को अहोई अष्टमी, 12 नवंबर को गौवत्स द्वादशी होगी। 13 नवंबर को धनतेरस, 14 को दीपावली पूजन होगा। 15 नवंबर को गोवद्र्धन पूजन और 16 नवंबर को भाईदूज मनाई जाएगी। 20 नवंबर को छठ पूजन, 22 को गोपाष्टमी होगी। 25 नवंबर को कार्तिक एकादशी होगी। चार माह बाद वैवाहिक और अन्य कार्यक्रम शुरू होंगे। 29 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का व्रत होगा। यह माह ऋतु परिवर्तन के लिहाज से भी अहम होता है। धीरे-धीरे सर्दी दस्तक देने लगती है।

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अजमेर. पहाड़ों को काटकर अवैध घरौंदे बनाने वाले अतिक्रमियों के खिलाफ वन विभाग कुछ नहीं कर पाया। बीते अगस्त में कई इलाकों में अतिक्रमियों को नोटिस दिए लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। अतिक्रमियों का अरावली पर कब्जा जारी है। सरकार, जिला प्रशासन और वन विभाग को कोई परवाह नहीं है।
नागफणी-बोराज, तारागढ़ संपर्क सड़क, शास्त्री नगर-वैशाली नगर, आंतेड़-राजीव कॉलोनी के क्षेत्र, पंजीयन कार्यालय के पीछे, जटिया कॉलोनी सहित अन्य इलाकों में कई लोगों ने पहाड़ी पर कब्जे कर लिए हैं। यहां सैकड़ों पक्के-कच्चे मकानों-कमरों, दुकानों का निर्माण हो चुका है। लोग सांठ-गांठ कर बिजली-पानी के कनेक्शन ले चुके हैं। साल 1990-91 तक अरावली की पहाडिय़ों पर अतिक्रमण कम थे। पिछले 30 वर्षों में हालात बिगड़ चुके हैं।

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