8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Good News: विद्यार्थियों को दीं किताबें-गैजेट्स, ताकि नहीं रुके पढ़ाई

मुश्किल समय में एजुकेटर्स ने संभाला मोर्चा । कोई आईपैड तो कोई मोबाइल से पढ़ा रहा बच्चों को।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

raktim tiwari

•

Updated: 29 Aug 2020, 7:26 AM IST

online class

online class

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

कोविड-19 के चलते देशभर में स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी भले छह महीने से बंद हैं। इसके बीच कई एजुकेटर्स मददगार बनकर सामने आए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी है। कई शिक्षकों ने जरूरतमंद विद्यार्थियों को किताबें-गैजेट्स मुहैया कराए हैं। ताकि उनकी पढ़ाई में दिक्ततें नहीं हो।

कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल, कॉलेज-यूनिवर्सिटी परिसर छह महीने से लॉकडाउन हैं। बदले हालात मेंऑफलाइन कक्षाएं संभव नहीं है। लेकिन एजुकेटर्स और विद्यार्थियों ने खुद ही घरों को लर्निंग और स्किल सेंटर में तब्दील कर लिया है।

पहले पढ़ते टॉपिक, फिर बनाते वीडियो
एसपीसी-जीसीए के केमिस्ट्री के रीडर डॉ. अलोक चतुर्वेदी पिछले ढाई महीने ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं। वे रोजाना सुबह पहले खुद टॉपिक को पढ़कर हिंदी और अंग्रेजी में नोट्स बनाते हैं। उसके बाद खुद पीपीटी, वीडियो बनाकर कॉलेज ग्रुप और विद्यार्थियों के वॉट्सएप ग्रुप में अपलोड कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में चार घंटे लगते हैं। कोई टॉपिक समझ नहीं आने पर यूजी और पीजी क्लास के विद्यार्थी उनसे तुरंत संपर्क करते हैं। वे तत्काल पूरा पाठ या टॉपिक ऑनलाइन समझाते हैं।

पढ़ाने के लिए खरीदा स्मार्ट आईपैड
बॉटनी की रीडर डॉ. अनिता शर्मा ने कोरोना में बदले हालात के चलते सबसे पहले आईपैड खरीदा। तकनीकी जानकारी सीखने के बाद वे रोजाना क्लास ले रही हैं। उन्होंने अपने कमरे को क्लासरूम जैसा बना लिया है। आईपैड को ब्लैकबोर्ड की तरह इस्तेमाल कर वे ऑनलाइन कक्षा लेती हैं। रोज वीडियो-पीपीटी बनाकर ग्रुप में अपलोड करती हैं। विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान का भी नियमित ध्यान रखती हैं।

घर पर ग्रीन बोर्ड, रोज पढ़ाते ऑनलाइन
गणित के रीडर डॉ. पी. आर. परिहार ने घर को ही कक्षा में तब्दील कर दिया है। ग्रीन बोर्ड पर चॉक लेकर वे ऑफलाइन स्टाइल में ऑनलाइन कक्षा ले रहे हैं। ताकि विद्यार्थियों को कक्षा में बैठने का एहसास हो। कॉलेज ग्रुप में वीडियो-पीपीटी अपलोड करने के अलावा वे विद्यार्थियों से नियमित संपर्क करते हैं। गणित विषय पढ़ाने के कारण 24 घंटे विद्यार्थी उनसे फोन पर समस्याएं पूछते हैं। वे हर विद्यार्थी को तत्काल जवाब देते हैं।

बनाया सभी कक्षाओं का ईआरपी सिस्टम
सोफिया कॉलेज प्राचार्य डॉ. सिस्टर पर्ल के नेतृत्व में शिक्षकों ने ऑनलाइन लेक्चर और नोट्स शिक्षकों ने सभी विषयों के ऑनलाइन वीडियो लेक्चर और नोट्स रिकॉर्ड किए हैं। पावर पॉइन्ट प्रजन्टेशन बनाए हैं। ऑनलाइन इन्हें छात्राओं को मोबाइल या ईआरपी सिस्टम से भेजा जा रहा है। शिक्षक सोशल प्लेटफार्म पर छात्राओं को पढ़ा भी रही हैं। खुद छात्राएं भी आपस में वॉट्सएप ग्रुप से जुड़ी हैं।

बिना बताए मदद, ताकि नहीं हो पढऩे में दिक्कत
स्कूल, कॉलेज के कई शिक्षक कोरोना संक्रमण में मददगार बने हुए हैं। पढ़ाने के साथ-साथ उन्होंने कई जरूरतमंद विद्यार्थियों को पुस्तकें, कॉपी मुहैया करा रहे हैं। कुछ शिक्षकों ने ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को अपने पुराने स्मार्ट फोन दिए हैं। ताकि उन्हें पढ़ाई में परेशानी नहीं हो। शिक्षकों ने विद्यार्थियों की आर्थिक मदद की है। ऐसे शिक्षकों से पत्रिका ने बातचीत की। लेकिन नाम गुप्त रखने की शर्त पर......।