
Rajasthan News: राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड की कृषि उपज मंडी समितियों के माध्यम से वर्षों से संचालित राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना का नाम परिवर्तन किया है। योजना के तहत किसानों और खेतीहर मजदूर के लिए अलग-अलग प्रकार की दुर्घटना में अलग-अलग राशि दी जाती है। अब राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर इस योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना रख दिया है। कृषि शासन सचिव की ओर से जारी आदेश में अब हड्डी टूटने एवं सिर में चोट लगने से कोमा में जाने पर मिलने वाली 50 हजार की राशि को 2 लाख रुपए किया है। बोर्ड ने कृषि उपज मंडी समितियों के लिए यह आदेश जारी करने के बाद अब योजना का नाम बदलने से किसानों व खेतीहर मजदूरों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
बोर्ड ने कृषि उपज मंडी समितियों के माध्यम से कृषकों, खेतीहर मजदूरों की कृषि कार्य करते समय दुर्घटनाओं के बाद उन्हें पूर्व में दी जाने वाली सहायता राशि व उनके नियमों में कोई बदलाव नहीं किया है। अब योजना का नाम मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना बदलने के बाद भी पूर्व के नियमों के तहत ही आश्रितों को सहायता राशि स्वीकृत की जाएगी।
मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना में कोमा में जाने पर 50 हजार की जगह 2 लाख रुपए प्रावधान किया गया है। योजना में कृषि कार्य करते समय किसानों के दुर्घटनाग्रस्त होने, अंग भंग और मृत्यु होने पर 5 हजार से लेकर 2 लाख तक की सहायता कृषि उपज मंडी समिति की ओर से प्रदान की जाती है। ऐसे में यह योजना किसानों के लिए वरदान बनी हुई है।
Updated on:
13 Nov 2024 11:45 am
Published on:
13 Nov 2024 11:45 am
