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बारिश : अजमेर जिले में आसमां से बरसी ‘ राहत’

सावन माह में झमाझम बारिश तो नहीं हुई, लेकिन कभी-कभी तेज पानी जरूर बरसा, मौसम विभाग ने 92 से 94 मिमी बारिश होने की उम्मीद जताई थी,पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष काफी कम बारिश हुई है

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बारिश : अजमेर जिले में आसमां से बरसी ‘ राहत’

बारिश : अजमेर जिले में आसमां से बरसी ‘ राहत’

ajmer अजमेर. जिले में इस साल अपेक्षाकृत काफी कम बारिश हुई है। इससे खरीफ फसल को जहां नुकसान हो रहा है,वहीं बांध-तालाब में पानी नहीं आने से फसल सिंचाई व पेयजल की समस्या बढ़ सकती है। गुरुवार मध्याह्न तेज बारिश होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।

झमाझम बारिश ने अजमेर शहर के आधे हिस्से को भिगोया। कई जगह सडक़ों-चौराहों पर पानी बह गया। सिंचाई विभाग ने 7 मिलीमीटर बरसात दर्ज की। अजमेर शहर में दोपहर काली घटाओं ने आसमान को घेर लिया। करीब 3.45 बजे घटाओं ने खामोशी तोड़ी। वैशालीनगर, शास्त्रीनगर, पंचशील, कोटड़ा, हरिभाऊ उपाध्यायनगर, लोहागल, जयपुर रोड, फॉयसागर सहित आसपास के इलाकों में आधा घंटे तक बरसात हुई। शहर के रामगंज, केसरगंज, चंदवरदायी नगर, मदार, नसीराबाद रोड और अन्य इलाकों में बूंदाबांदी होकर रह गई।

सडक़ों पर बहा पानी

वैशालीनगर, माकड़वाली रोड, गंज सर्किल, सावित्री चौराहा, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और अन्य इलाकों में सडक़ों पर पानी बह गया। घरों और पहाड़ी इलाकों से बहता पानी सडक़ों पर हिलारें मारता रहा। अधिकतम तापमान 36.0 और न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री रहा।

बचे मानसून के 62 दिन

प्रदेश और जिले में मानसून की अवधि एक जून से 30 सितम्बर यानि 122 दिन तक मानी जाती है। इस लिहाज 60 दिन निकल चुके हैं। मालूम हो कि राज्य में मानसून की सक्रियता आषाढ़, सावन, भादव और आश्विन माह माना जाता है।

कनेईखुर्द के तालाब में आया पानी

भिनाय. कस्बे सहित आसपास के गांवों में गुरुवार सांय बरसात का दौर शुरू हुआ। क्षेत्र के गांव कनेईखुर्द में झमाझम बरसात हुई। कनेई कलां, निमेड़ा, धांधों का खेड़ा आदि गावों में 1 घंटे तेज बरसात हुई। बरसात से ग्राम कनेई खुर्द के तालाब में करीब 4 फीट तक पानी की आवक हुई।

पीसांगन. उपखंड मुख्यालय समेत देहात में गुरुवार को एक बार फि र मेघों ने मौन तोड़ते हुए जमकर पानी बरसाया। इस दौरान यहां 23 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई। वहीं आनासागर एस्केप चैनल से बहकर आने वाला पानी भी उपखंड क्षेत्र के नूरियावास पहुंच गया। पीसांगन, कालेसरा, सरसड़ी,नाड़, नागेलाव, भड़सुरी, अखेपुरा, फ तेहपुरा, सेठन, रामपुरा डाबला, बुधवाड़ा, दांतड़ा, नुरियावास में भी अच्छी बरसात हुई।

किसानों के चेहरे खिले

सरवाड़. यहां करीब पौन घंटे तक बादल झमाझम बरसे। इस दौरान गर्मी और उमस से त्रस्त जनजीवन को कूल-कूल कर दिया। गुरुवार शाम पांच बजे हुई बारिश ने थोड़ी देर में ही मूसलाधार रूप धारण कर लिया। करीब पौन घंटे बादल रुक रुककर मूसलाधार बरसे, जिससे सडक़ों पर पानी बह गया। विजयद्वार से सब्जी मंडी सडक़ पर डेढ़ फीट पानी बह गया। चमन चौराहा, लिंक रोड़, अजमेर-कोटा स्टेट हाईवे व स्कूल रोड़ पर भी पानी की तेज धार दिखाई दी। गांधी चौक भी पानी से लबालब भर गया।

सराना. सराना, कोटडी, भगवन्तपुरा, शोकलिया, शोकली, पीपरोली, रामपुरा बहेडा आदि गांवों में हल्की बारिश हुई। इससे लोगों को तेज गर्मी से कुछ राहत मिला। वहीं खेतों में भी पानी नजर आया।
गोयला. कस्बे सहित क्षेत्र में हुई बरसात से किसानों के चेहरे खिल गए।

गोयला सहित सातोलाव, जडाना आदि क्षेत्र में गुरुवार को बारिश हुई। इससे किसानों के चेहरे खिल गए। वहीं लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। किसान इन्ददेव और देवी देवताओं को मनाने के लिए पूजा अर्चना करने में लगे हुए है।
बिजयनगर. कस्बे में रिमझिम बरसात से तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना रहा। दोपहर बाद तापमान में तेजी रहने के कारण गर्मी का अहसास होता रहा। शाम को आसमान में काली घटाएं छाई और काफी देर तक रिमझिम बरसात होती रही।

खरीफ फसल को नया जीवनदान

मदनगंज-किशनगढ़. किशनगढ़ तहसील और आस-पास के क्षेत्र के खेतों में खरीफ के बीजों की बुवाई के बाद हुई बारिश फसलों को जीवनदान साबित होगी। बारिश के नहीं होने से एक बारगी किसानों को फसल खराब होने की चिंता सतानें लगी थी, लेकिन लम्बे इंतजार के बाद बारिश से किसानों के चेहरे खिले नजर आए। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में हुई दिनभर की बारिश से राहत मिली है।

सावन माह के अंतिम दिनों मेघ बरसे। मानसून सत्र की इस पहली बारिश से किसानों को आगे अच्छी बारिश होने की उम्मीद बन गई है। किशनगढ़ तहसील में करीब 22 हजार हैक्टेयर एवं आस-पास के अन्य क्षेत्र समेत करीब 50 हजार हैक्टेयर कृषि भूमि पर जुताई कार्य किया गया है। इन खेतों में ज्वार,बाजरे की बुवाई की है। इनके साथ ही मूंग, मक् का, तिल और कपास के बीजों की भी बुवाई भी की गई है।