7 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पुष्कर मेले में नहीं दिखेंगे इस बार घोड़े, ग्लैंडर्स बीमारी के चलते लगाई रोक

जिले के 157 अश्ववंश के सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजे। इन सेम्पल की रिपोर्ट आने में अभी 15-20 दिन लगेंगे।

2 min read
Google source verification
horses not allow in pushkar fair 2017

horses not allow in pushkar fair 2017

हिमांशु धवल/महावीर भट्ट/अजमेर/पुष्कर।

विश्वविख्यात पुष्कर पशु मेले में इस बार घोड़े (अश्ववंश) की हिन-हिनाहट नहीं गूंजेगी। सरकार ने अजमेर जिले में घोड़ों के आने व जाने पर रोक लगा दी है। इसका मुख्य कारण अश्ववंश में ग्लैंडर्स बीमारी का पाया जाना बताया जा रहा है। अजमेर जिले के किशनगढ़ के निकट पाटन गांव में करीब दो माह पहले इस बीमारी से एक घोड़े की मौत हो गई थी। उसके बाद पशुपालन विभाग ने जिले के 157 अश्ववंश के सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजे। इन सेम्पल की रिपोर्ट आने में अभी 15-20 दिन लगेंगे।

पुष्कर पशु मेले का आयोजन 20 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक किया जाएगा। मेले में इस बार घोड़े, गधे, खच्चर और टट्टू के आने व जिले से बाहर जाने पर सरकार ने रोक लगा दी है। मेले में अश्ववंश की होने वाली खरीद-फरोख्त, प्रदर्शनी और प्रतियोगिता पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया गया है। राज्य सरकार ने मंगलवार को इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है। मेले में अश्ववंश की आवाजाही को रोकने के लिए जिला प्रशासन, आरटीओ और पशुपालन विभाग की ओर से लगाई जाने वाली चौकियों को भी पाबंद किया गया है।

मनुष्य में फैल सकती है बीमारी

ग्लैंडर्स जूनोटिक महत्व का होने के कारण पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाला रोग है। इससे ग्रस्त पशुओं के सम्पर्क में आने से यह बीमारी इंसानों में भी फैल सकती है। हालांकि अभी तक एक भी मामला ऐसा सामने नहीं आया है।

वर्षो बाद फिर आई ग्लैंडर्स बीमारी
पशुपालन विभाग के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविदत्त मिश्रा ने बताया कि कई वर्षों पहले ग्लैंडर्स रोग भारत से विदा हो चुका है। लेकिन 7-8 महीने पहले उदयपुर , राजसमंद और धौलपुर के अश्ववंश में यह बीमारी पाई गई थी।

ये हैं बीमारी के लक्षण
- अश्ववंश के नथूनों में जख्म होना।

- सांस लेने में परेशानी होगा
- आंख व नाक से गंदा पानी गिरना

- काम करने की क्षमता समाप्त होना
- शरीर में गांठें पड़ जाना

- अंत में अश्ववंश की मौत

सरकार ने अधिसूचना जारी कर जिले के समस्त क्षेत्र को अश्ववंश के लिए नियंत्रित क्षेत्र घोषित किया गया है। ग्लैंडर्स नामक बीमारी से बचाव एवं उसकी रोकथाम के लिए अश्ववंश को अजमेर जिले से बाहर ले जाने अथवा लाने पर रोक लगा दी है। इससे पुष्कर मेले में अश्ववंश की आवाजाही नहीं होगी।
-डॉ. शुभेन्द्र दीक्षित, वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी पशुपालन विभाग अजमेर