कैसे पहुंचे झील में ऑक्सीजन: झरना हुआ बंद,झील से निकाल फेंका एरिएशन सिस्टम

सर्किट हाउस के नीचे सेल्फी प्वाइंट हुआ बंद

एनएलसीपी के के 77 लाख रूपए गए पानी में

By: bhupendra singh

Published: 22 Jun 2021, 06:10 PM IST

अजमेर. शहर की सुंदरता को चार चांद लगाने वाली एतिहासिक आनासागर झील aanasagar lake का गला खुद सरकार मशीनरी ही घोटने पर उतारू है। राष्टीय झील संरक्षण योजना (एनएलसीपी) nlcp के तहत झील के पानी में शुद्धीकरण व ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए कंट्रोल एअरेशन के अन्तर्गत झील में ऑक्सीजन oxygeपहुंचाने के लिए झील में 77 लाख रुपए खर्च एरिएशन प्लांट aeration system लगाया गया था। 14 फ्लोटिंग फाउंटने भी लगाए गए थे। इसके अलावा दानदाता के सहयोग से 30 फीट ऊंचा जेट फाउंटेन भी लगाया गया था लेकिन यह दोनों ही एक साल से बंद पड़े हैं। फाउंटेन तो झील से बाहर निकाल कर चौपाटी के किनारे ही पटक दिए गए हैं।

झरने के नाम पर लाखों रुपए डाले पानी में

आनासागर के किनारे चौपाटी निर्माण के दौरान आरएसआरडीसी rsrdc ने सर्किट हाउस के नीचे झरना Waterfall closed स्थापित किया था। इसके लिए लाखों रुपए खर्च किए गए लेकिन पिछले कई महीनों से यह झरना बंद पड़ा है। इससे न तो झील में ऑक्सीजन पहुंच रही है और न शहरवाही ही इसका आनंद ले पा रहे हैं। पूर्व में इसे सेल्फी प्वाइंट के नाम पर प्रचारित किया गया था।

झील के पानी में ऑक्सीन लेवल कम

पिछले साल चौपाटी पर लगाए फ्लोटिंग ब्रिज केदोनो तरफ सजावटी लाइटें व फाउंटने लगाए गए थे लेकिन लाइट व फाउंटेन दोनो ही बंद पड़े हैं। झील के पानी में ऑक्सीजन की कमी झील के पानी में ऑक्सीजन का लेवर 135 बीओक्यू है। यह खतरनाक स्थिति है। यह पानी मछलियों के खतरनाक है। कई बार मछलियों के मामले सामने आ चुके हैं।

फेल हो गया जुगाड़, जेट फाउंटेन भी हटाया

झील के पानी में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए नगर निगम ने भी जुगाड़ कर फाउंटेन लगाए थे। फाउंटेन के सहारे ही रंगबिरंगी लाइटें भी लगाई गई थी। कई महीनों से निगम का यह जुगाड़ भी फेल हो गया है। जिले की एक सीमेंट कम्पनी ने झील के लिए 30 फीट ऊ ंचा जेट फाउंटन दान दिया था। यह फाउंटेन कुछ दिन चला लेकिन बाद में यह जेट फाउंटेन ही हटा दिया गया।

एडीए व निगम के बीच हैंडओवर टेकओवर का झगड़ा

झील में पानी की शुद्धता एवं गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एरिएशन प्लांट चौपाटी परिसर में स्थापित किया गया था। एडीए इसका संचालन कर रहा था लेकिन इसका ठेका पिछले साल समाप्त हो गया। एरिएशन प्लांट का संचालन व रखरखाव नगर निगम को करना है लेकिन एडीए द्वारा कई पत्र लिखने के बावजूद निगम इसके संचालन को तैयार नहीं है। एडीए ने झील में चौपाटी के किनारे 14 फ्लोटिंग फाउेंटन लगाए थे, इसका भी ठेका एक वर्ष पूर्व समाप्त हो चुका। इन फाउंटेन को टेकओवर करने के लिए एडीए नगर निगम को कई बार पत्र लिखा चुका है लेकिन नगर निगम लेने को तैयार नहीं है।

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