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Illegal capture: हर जगह ठेले-फूड वैन, फुटपाथ बने फूडकोर्ट

आला अफसर रोज ऐसे मार्गों से गुजरते हैं। लेकिन किसी को पैदल राहगीरों और आमजन की सुविधाओं पर 'कब्जे दिखाई नहीं दे रहे हैं।

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illegal capture on footpath

illegal capture on footpath

रक्तिम तिवारी/अजमेर. शहर के मुख्य मार्गों से सटे फुटपाथ पर फास्ट फूड मार्केट में तब्दील हो चुके हैं। जिसका जहां मन हुआ वह ठेले-फास्ट फूड वैन-जीप लगा रहे हैं। नगर निगम और जिला प्रशासन के आला अफसर रोज ऐसे मार्गों से गुजरते हैं। लेकिन किसी को पैदल राहगीरों और आमजन की सुविधाओं पर 'कब्जे दिखाई नहीं दे रहे हैं।

1-गौरव पथ-चौपाटी

आनासागर लिंक रोड-गौरव-पथ-चौपाटी क्षेत्र तो ' फुटपाथ फूडकोर्टÓ में तब्दील हो चुका है। यहां सुबह 8 से रात्रि 10-11 बजे तक फ्रट-सब्जी, भुट्टे, सिंघाड़े,चाट-पकौड़ी, चाइनीज-साउथ इंडियन फूड, आइसक्रीम के ठेले-वैन देखे जा सकते हैं। जो फुटपाथ राहगीरों के लिए बने हैं, वहां कारें-बाइक खड़ी रहती हैं।

2-रीजनल कॉलेज-चौपाटी
पिछले तीन-चार साल में बनी रीजनल कॉलेज-चौपाटी भी फूडकोर्ट में तब्दील हो चुका है। यहां भी सुबह 8 से रात्रि 10-11 बजे चाट-पकौड़ी, चाइनीज-साउथ इंडियन फूड, आइसक्रीम के ठेले-वैन देखे जा सकते हैं। राहगीरों के लिए बने फुटपाथों पर ठेले-रेहडिय़ों के अस्थाई अतिक्रमण बढ़ रहे हैं।

3-वैशाली नगर के हाल

वैशाली नगर क्षेत्र में तो फुटपाथ बाजार तेजी से बढ़ रहा है। माकड़वाली तिराहे से बधिर विद्यालय-पेट्रोल पम्प तक वेजिटेरियन, नॉन वेज, इंडियन फूड, सब्जी-फ्रूट के ठेले, फास्ट फूड वैन संचालकों ने स्थाई रूप से कब्जे कर लिए हैं। इनकम टैक्स कॉलोनी, बीएसएनएल कॉलोनी, सेंट स्टीवंज चौराहे के फुटपाथ पर स्थाई-अस्थाई कब्जे हो गए हैं।

4-कचहरी रोड-विजयलक्ष्मी पार्क
विजयलक्ष्मी पार्क, जवाहरलाल नेहरू अस्पताल-कचहरी रोड-इंडिया मोटर सर्किल के आसपास तो फुटपाथ नजर ही नहीं आते। फास्ट फूड के ठेले, दाल-रोटी-सब्जी वालों के अस्थाई टैंट लगे हुए हैं। प्राइवेट बसों की अवैध पार्र्किंग बन चुकी हैं।

5-मार्टिंडल ब्रिज से नसीराबाद रोड
मार्टिंडल ब्रिज-अजंता सिनेमा से आदर्श नगर-नसीराबाद रोड तक अच्छा खासा फुटपाथ है। लेकिन यहां भी सेंट पॉल्स स्कूल, सेंट मेरीज स्कूल के समक्ष, नगरा-रेल म्यूजियम के निकट फुटपाथ पर ठेले-रेहडिय़ां, अस्थाई फास्ट फूड के वैन-जीप खड़े रहते हैं।

6-जीसीए चौराहे से सुभाष नगर
जीसीए चौराहे से सुभाषनगर-ब्यावर रोड तक चौड़े फुटपाथ अतिक्रमण की चपेट में हैं। हजारीबाग से रेलवे अस्पताल तक ऑटोमोबाइल मैकेनिक, चाय-फास्ट फूड की थडिय़ों वालों कब्जे हैं। रामगंज से सुभाषनगर तक फ्रूट-सब्जी के ठेले, बैल्ट-हेलमेट, नारियल पानी, फूल-माला विक्रेता, आर्टिफिशयल लाइट-टॉर्च और अन्य ठेलों की भरमार है।

यूं बढ़ा रहे कचरा
करीब 7.5 लाख की आबादी वाले अजमेर में फुटपाथ पर फास्ट फूड और चाट-पकौड़ी के ठेले-वैन कचरा बढ़ा रहे हैं। नगर निगम करीब 3.5 से 4.5 टन कचरा अंदरूनी-बाहरी इलाकों से संग्रहित कर सेंदरिया ट्रेचिंग ग्राउन्ड भेज रहा है। नालों में फैंका जाने वाला कचरा अलग है।

वाहनों का बढ़ता दबाव
वाहनों की संख्या बढऩे से सड़कों पर दबाव बढ़ गया है। फुटपाथ पर अस्थाई कब्जों से लोगों को पार्र्किंग स्पेस नहीं मिल रहे। 2001-02 में वाहनों की संख्या 3.5 लाख के आसपास थी। बीस साल में वाहनों की संख्या बढ़कर 12.50 लाख तक पहुंच गई है।