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Innovation: कॉलेज स्टूडेंट्स करेंगे हाइटेक लेब में प्रेक्टिकल

Innovation: ई-कंटेंट-वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। विद्यार्थी इस कंप्यूटर लेब में विज्ञान से संबंधित प्रयोग और सामग्री से अध्ययन कर सकेंगे।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 14 Jul 2019, 7:44 AM IST

Science lab

Science lab

रक्तिम तिवारी/अजमेर

सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय (GCA) में विज्ञान की हाइटेक लेब तैयार हो रही है। इसमें विज्ञान के विभिन्न विषयों पर प्रयोग और प्रमुख शोध कार्यों का कंप्यूटर पर अध्ययन किया जा सकेगा।

विज्ञान विषय में विद्यार्थियों की बढ़ती अभिरुचि और अध्ययन-अध्यापन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में डिजिटल (विज्ञान)कंप्यूटर लेब तैयार करने की योजना बनाई है। कॉलेज के मैनेजमेंट-कॉमर्स ब्लॉक के द्वितीय तल पर डिजिटल लेब (Digital Lab) बनाई जा रही है।

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लगाए जाएंगे कंप्यूटर-उपकरण

कॉलेज शिक्षा निदेशालय की योजनान्तर्गत डिजिटल (विज्ञान) कंप्यूटर लेब में विद्यार्थियों के लिए कई कंप्यूटर सेट और उपकरण लगाए जाएंगे। विद्यार्थी फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी-बॉटनी से संबंधित प्रयोग और शोध के बारे में कंप्यूटर पर अध्ययन कर सकेंगे। इसके लिए ई-कंटेंट-वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। विद्यार्थी इस कंप्यूटर लेब में विज्ञान से संबंधित प्रयोग और सामग्री से अध्ययन कर सकेंगे।

सीखेंगे प्रायोगिक कार्य
मौजूदा पारंपरिक प्रयोगशालाओं में कई उपकरण नहीं होने से विद्यार्थी प्रायोगिक कार्य (Science Practical) ढंग से नहीं कर पाते हैं। डिजिटल कंप्यूटर लेब बनने के बाद उन्हें प्रायोगिक कार्यों की विधि समझने, ई-कंटेंट की सहायता से प्रयोग करने, फाइल और डाटा तैयार करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा शोध कार्य और नवाचार को भी समझने का अवसर मिलेगा।

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भूगोल की हाइटेक लेब भी तैयार
1836 में स्थापित एसपीसी-जीसीए में भूगोल विभाग (Geography department) ने हाइटेक लेब तैयार कराई है। राज्यसभा सांसद डॉ. भूपेंद्र यादव ने भूगोल विभाग में हाइटेक लेब बनाने के लिए 25 लाख रुपए दिए हैं। लेब में नि:शुल्क इन्टरनेट सुविधा मुहैया कराई गई है। विद्यार्थियों के लिए एक पुस्तकालय भी तैयार किया गया है। यहां जीआईएस, कम्प्यूटर, इंटरनेट जैसी सुविधाएं होंगी। अजमेर जिले और प्रदेश की नदियों, बांध, तालाब और जलाशयों, भौगोलिक स्थिति, अरावली पर्वत श्रंखला, वन सम्पदा पर विस्तृत शोध हो सकेगा। भविष्य में राष्ट्रीय स्तरीय संस्थानों से बड़े प्रोजेक्ट लाए जाएंगे। यहां राजस्थान के अलावा देश की भौगोलिक स्थिति का आकलन एवं शोध किया जा सकेगा।


डिजिटल साइंस लेब तैयार कराई गई है। यहां कंप्यूटर और अन्य उपकरण लगाए जाएंगे। विद्यार्थियों को शैक्षिक नवाचार और प्रयोग सीखने को मिलेंगे।
डॉ.एम.एल.अग्रवाल, प्राचार्य सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय