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तेजाब हमले में मासूम की रोशनी छीनने वाले आरोपी को आजीवन कारावास

कोर्ट का फैसला : चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर पेश आई थी वारदात, मध्यप्रदेश इन्दौर महू का है आरोपी, महिला उत्पीड़न न्यायालय अजमेर ने सुनाया फैसला, पीड़िता को आर्थिक सहायता व पृथक से मुआवजे के निर्देश
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अजमेर

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Manish Singh

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मनीष कुमार सिंह

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Updated: 25 Mar 2026, 7:04 PM IST

तेजाब हमले में मासूम की रोशनी छीनने वाले आरोपी को आजीवन कारावास

अजमेर महिला उत्पीड़न न्यायालय में फैसला सुनाए जाने के बाद आरोपी मोहम्मद इस्मा​इल को सेन्ट्रल जेल ले जाते चालानी गार्ड।

अजमेर(Ajmer News). महिला उत्पीड़न न्यायालय ने 12 वर्षीय बालिका पर तेजाब फेंककर उसकी आंखों की रोशनी छीनने के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अपराध को अत्यंत गंभीर मानते हुए आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया और पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए।

अतिरिक्त सेशन न्यायधीश(महिला उत्पीड़न न्यायालय, अजमेर) उत्तमा माथुर ने तेजाब हमले के मामले में आरोपी मध्यप्रदेश इन्दौर महू निवासी मोहम्मद इस्माईल(28) को भारतीय न्याय संहिता की धारा 124(1) के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर दो लाख रुपए का अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अतिरिक्त दो वर्ष के साधारण कारावास भुगतना पडेगा।

पीडित प्रतिकर दिलाने की अनुशंसा

कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि अर्थदंड की राशि पीड़िता बालिका और उसकी मां को प्रदान की जाए। इसके अतिरिक्त, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पूर्व में स्वीकृत एक-एक लाख रुपए की अंतरिम सहायता के अलावा पीड़ित प्रतिकर दिलाने की अनुशंसा की गई है।

यह है मामला-मासूम की चली गई रोशनी

जानकारी अनुसार 25 अप्रैल 2025 को पीड़िता 12 वर्षीय पुत्री के साथ में अजमेर से चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पहुंची थी। अगले दिन सुबह प्लेटफॉर्म से कुछ दूरी पर शौच के लिए गई मां-बेटी पर आरोपी ने अचानक हमला कर दिया। आरोपी ने बोतल में भरे पीले रंग के तेजाब को पहले बालिका के चेहरे पर फेंका और फिर उसकी मां पर भी फेंककर फरार हो गया। दर्दनाक घटना में बालिका की दोनों आंखों की रोशनी खो दी और जीवनभर के लिए अंधत्व का शिकार हो गई, जबकि उसकी मां भी गंभीर रूप से झुलस गई। चित्तौड़गढ़ के अस्पताल में दोनों का इलाज भी कराया गया।

17 गवाह 57 दस्तावेज किए पेश

घटना के बाद जीआरपी थाना चित्तौड़गढ़ में मुकदमा दर्जकर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान कर गिरफ्तार किया गया। जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक नरेश कुमार धूत ने 17 गवाहों के बयान कराए, 57 दस्तावेज व 6 भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई।