14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दूसरों के घर उजाला करने वाले लाईनमेन के घर में अंधेरा छाया , एक झटके में परिवार के सिर से उठ गया पालनहार का साया

रसूलपुरा में 11 हजार केवी का फाल्ट ठीक करने चढ़े अजमेर विद्युत वितरण निगम के लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई।

3 min read
Google source verification
lineman died because of electric shock

अजमेर . रसूलपुरा में 11 हजार केवी का फाल्ट ठीक करने चढ़े अजमेर विद्युत वितरण निगम के लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में जुटे परिजन व ग्रामीणों ने पहले अस्पताल, फिर हाथीभाटा स्थित डिस्कॉम दफ्तर में हंगामा किया। समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। सिविल लाइन्स थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजन के सुपुर्द कर दिया। इधर डिस्कॉम प्रशासन ने जेईएन को निलंबित किया है।

अनुसार अजमेर विद्युत वितरण निगम में कांकरदा-भूणाबाय पावर हाउस में घूघरा फीडर इंचार्ज रविन्द्रसिंह के साथ में हेल्पर घूघरा निवासी हेमराज गुर्जर रसूलपुरा में घूघरा फीडर के ट्रांसफार्मर पर सप्लाई दुरुस्त करने पहुंचे। फीडर इंचार्ज रविन्द्रसिंह ने गगवाना 33 केवी जीएसएस से शट डाउन लिया। शट डाउन के बाद हेमराज ट्रांसफार्मर की जांच के लिए चढ़ा। इस दौरान वह लाइन के सम्पर्क में आ गया जिससे उसको करंट लग गया।

करंट लगने पर वह ट्रांसफार्मर से नीचे गिर गया। साथी कर्मचारी घायल हेमराज को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। इधर डिस्कॉम अधिकारियों ने घूघरा फीडर के कनिष्ठ अभियंता पुष्पेन्द्र जैन को निलंबित किया है। जैन का पदस्थापन अग्रिम आदेश तक जोनल चीफ कार्यालय में रखा गया है।

झूलते तार से आया करंट

हादसे के बाद फाल्ट ढूंढने के दौरान सामने आया कि घूघरा फीडर में गुजर रही लाइन के ऊपर से रोडवेज फीडर का 11 केवी तार क्रॉस हो रहा है। झूलने के कारण रोडवेज फीडर का तार घूघरा फीडर के तार से चिपक रहा था इसके चलते शट डाउन के बाद भी तार में करंट दौड़ रहा था। इससे अंजान हेमराज ट्रांसफार्मर पर फाल्ट दुरुस्त करने चढ़ा तो वह करंट के सम्पर्क में आ गया।


डिस्कॉम कार्यालय में हंगामा

अस्पताल में हंगामा के बाद पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री नसीम अख्तर, श्रवणसिंह रावत व भाजयुमो के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अमित भंसाली समेत घूघरा के सैकड़ों ग्रामीण जुट गए। आक्रोशित ग्रामीण डिस्कॉम के हाथीभाटा पावर हाउस पहुंचे तथा कार्यवाहक अधीक्षण अभियंता मुकेश ठाकुर के सामने आक्रोश जाहिर किया। उन्होंने मृत आश्रित को 25 लाख रुपए क्षतिपूर्ति व परिवार के दो सदस्यों को नौकरी की शर्त रखी।

डिस्कॉम अधिकारियों ने इस पर असहमति जाहिर कर दी। उन्होंने नियमानुसार मृत आश्रित को 20 लाख रुपए का मुआवजा और अनुकम्पा नौकरी का आश्वासन दिया, जिस पर परिजन ने सहमति दे दी।

भाजपा-कांग्रेस में बंटे

डिस्कॉम कार्यालय में मुआवजे व अनुकम्पा नौकरी की मांग को लेकर हंगामा कर रहे ग्रामीण व जननेता दो धड़े में बंट गए। कुछ ने उचित मुआवजा नहीं मिलने पर जयपुर रोड जाम करने तक की धमकी दे डाली। आखिर परिजन व सरपंच पति अमित भंसाली ने मामले में शांति बरतते हुए डिस्कॉम अधिकारियों के आश्वासन पर संतोष जताया। इसके बाद ही मामला शांत हो सका।