
third year exam
अजमेर.
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय तृतीय वर्ष के 60 हजार विद्यार्थियों की परीक्षाएं सितंबर में कराएगा। इनमें बीए, बीएससी और बी.कॉम तृतीय वर्ष की परीक्षाएं शामिल होंगी। इसके अलावा तीन संकाय में नए डीन नियुक्त किए गए हैं। एकेडेमिक कौंसिल की बैठक में यह फैसले लिए गए।
सुप्रीम कोर्ट और यूजीसी के फैसले के मुताबिक देश के सभी विश्वविद्यालयों को सत्र 2019-20 की तृतीय वर्ष की परीक्षाएं करानी हैं। इसको लेकर सोमवार को एकेडेमिक कौंसिल की बैठक हुई। इसमें बीएससी, बी.कॉम, बीए तृतीय वर्ष की परीक्षाएं कराने का फैसला लिया गया। इनके परीक्षा टाइम टेबल जल्द अपलोड किए जाएंगे। एलएलबी तृतीय वर्ष, एलएलएम द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं ऑनलाइन कराने का प्रस्ताव रखा गया। लेकिन राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभागकी मंजूरी ली जाएगी।
बनाए तीन संकाय में डीन
विवि ने तीन संकाय में नए डीन बनाए। सामाजिक विज्ञान संकाय में प्रो. शिवदयाल सिंह, फाइन आट्र्स में डॉ. गीता शर्मा और कला संकाय में डॉ. संजना शर्मा को डीन बनाया गया।
शुरू होंगे बीएससी बायो और गणित
कोर्सविवि में सत्र 2020-21 से भूगोल के साथ-साथ बीएससी बायलॉजी और बीएससी गणित कोर्स शुरू होगा। विद्यार्थी इन कोर्स के लिए 15 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे।
यह भी लिए फैसले
-नेट/जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के होंगे पीएचडी रजिस्ट्रेशन
-जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में प्रवेश योग्यता 45 प्रतिशत
-छह महीने पूर करने वाले शोधार्थियों को जमा करानी होगी पीएचडी थीसिस
अगस्त में नहीं हुई भरपूत बरसात, खाली पड़े हैं तालाब-बांध
रक्तिम तिवारी/अजमेर. मौसम विभाग की भविष्यवाणी के विपरीत मानसून इस बार अगस्त में ज्यादा मेहरबान नहीं रहा। अजमेर जिला औसत बरसात के आंकड़े से दूर है। अधिकांश तालाब-बांध खाली पड़े हैं। अब सिर्फ सितंबर में होने वाली बरसात से कुछ उम्मीदें हैं।
मौसम विभाग ने इस बार 92 से 94 प्रतिशत बारिश होने की बात कही थी। लेकिन जून और जुलाई में मानसून की कमजोरी से यह संभव हुआ। जिले में 1 जून से 31 जुलाई तक महज 130 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद अगस्त के शुरुआत तक मानसून सुस्ती ओढ़े रहा। 15 अगस्त के बाद जिले में बरसात का दौर कुछ बढ़ा। लेकिन अजमेर शहर सहित जिले के किसी हिस्से में ताबड़तोड़ बरसात या बाढ़ जैसे हालात नहीं बने।
ये थे 2019 अगस्त के हाल.....
पिछले साल अगस्त में अजमेर सहित जिले में ताबड़तोड़ बरसात हुई थी। आनासागर झील का जलस्तर बढ़कर 15 फीट 2 इंच तक जा पहुंचा था। 31 अगस्त तक जिले की औसत बारिश 550 से कहीं ज्यादा 759.5 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। जिले के 80 फीसदी तालाब-बांध लबालब हो गए थे। इस साल अगस्त में हालात बिल्कुल अलग हैं।
Published on:
01 Sept 2020 06:39 am
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