सांसद ने पत्र में बताया कि 1 जून 2020 से मिठाई विक्रेताओं को इससे नुकसान हो रहा है। भारतीय मिठाई निर्माता सालों से भारतीय उपभोक्ताओं की सेवा कर रहे हैं। यह अचंभे की बात है कि एफएसएसएआई ने अचानक यह नियम लागू कर दिया, जबकि हमारे देश में ऐसा कोई भी नियम विदेशी और अन्य खुली किसी भी खाद्य वस्तुओं पर नहीं है।