मुख्य ताजिया शरीफ पर मेहंदी पेश कर खुशहाल जीवन की कामना की।जायरीन ने चांदी के ताजिए की जियारत भी की। चांदी के ताजिए की जियारत के लिए अकीदतमंद की भीड़ उमड़ी।
मोहर्रम की सात तारीख यानि बुधवार को जायरीन, खुद्दाम और आमजन ने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह स्थित मकबरे में रखे मुख्य ताजिया शरीफ पर मेहंदी पेश कर खुशहाल जीवन की कामना की।जायरीन ने चांदी के ताजिए की जियारत भी की। चांदी के ताजिए की जियारत के लिए अकीदतमंद की भीड़ उमड़ी। अंजुमन सैयद जादगान के सदर सैयद गुलाम किबरिया, सचिव सैयद सरवर चिश्ती, मोहर्रम के कन्वीनर सैयद अब्दुल हक सहित जायरीन और खादिम मौजूद रहे। अंदर कोट पंचायत की ओर से दोपहर 2 बजे पारंपरिक अलम का जुलूस निकाला गया। इस दौरान 7 तोप दागी गई। जुलूस निजाम गेट, कमानी गेट, त्रिपोलिया गेट होते हुए शाम 7 बजे अन्दर कोट हताई पहुंचा। यहां नियाज व फातेहा की रस्म हुई।
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अजमेर. ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में महाना छठी पर अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ी। दरगाह परिसर खचाखच भरा रहा। अहाता-ए-नूर में सुबह 9 बजे कुरान शरीफ की तिलावत हुई। खुद्दाम-ए-ख्वाजा ने रस्म अदा कराई। शिजराख्वानी और सलातो-सलाम पेश किया गया। इस दौरान समूचे दरगाह परिसर में अजमेर और आसपास के गांवों सहित देश के विभिन्न प्रांतों से आए जायरीन की भीड़ रही।
जगह-जगह नियाज
छठी की रस्म के बाद देश के विभिन्न हिस्सों से आए जायरीन ने तबर्रुक पर नियाज दिलाई। तबर्रुक पाने के लिए भी जायरीन में होड़ रही। इधर अंजुमन सैयद जादगान की ओर से लंगर का आयोजन किया गया। अंजुमन शेखजादगान की तरफ से भी नियाज दिला कर तबर्रुक तकसीम किया गया।
विश्रामस्थली पर छठी की फातेहा
कायड़ विश्रामस्थली पर छठी की फातेहा हुई। मौलाना ज़ााकिर शम्सी ने बयान किया। पाली के नातख्वां हाजी शब्बीर ने नात- मनक्बत पेश किए।