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नेताजी! अब 37 कौम बोलना पड़ेगा

चुनावो के दौरान 36 कौम की आवाज बुलंद करने वाले नेताजी को अब अपने नारे में सुधार करना पड़ेगा।

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Mukesh Kumar Sharma

Apr 13, 2015

अजमेर।चुनावो के दौरान 36 कौम की आवाज
बुलंद करने वाले नेताजी को अब अपने नारे में सुधार करना पड़ेगा। दरअसल राजस्थान में
36 नहीं बल्कि 37 कौम हैं। राजस्थान राज्य अभिलेखागार अजमेर मे संरक्षित पत्रावली
से पता चलता है कि अजमेर-मेरवाड़ा स्टेट में आजादी के पहले से ही 37 जातियां है।



वर्ष 1951 के जनसंख्या प्रतिवेदन में अजमेर-मेरवाड़ा राज्य के
डिस्ट्रिक्ट गजेटियर में प्रकाशित जाति वर्गीकरण सूची पत्रावली संख्या 6425 में 37
जातियां दर्ज हैं। हालांकि इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता है कि कुछ और कौमें
भी हो सकती हैं या राजस्थान पुनर्गठन के बाद कौमो की संख्या बढ़ भी गई होगी।



आदिवासी जातियों का नहीं उल्लेख


प्रदेश की सरकार व
प्रशासनिक ढांचे में अहम भूमिका निभाने वाली आदिवासी वर्ग की कुछ जातियों के नाम
इसमे शामिल नहीं हैं। जानकारो का मानना है चूंकि वर्ष 1951 में प्रकाशित
डिस्ट्रिक्ट गजेटियर अजमेर-मेरवाड़ा राज्य का था, इसलिए संभवत: इस क्षेत्र में
आदिवासी जातियां शामिल नहीं रही होगीं।

अभिलेखागार में अजमेर-मेरवाड़ा राज्य
के समय प्रकाशित डिस्ट्रिक्ट गजेटियर में 1951 की जनसंख्या प्रतिवेदन के अनुसार
प्राचीन जाति वर्गीकरण एवं रहन-सहन आदि की पत्रावली संरक्षित है।बसंतसिंह सोलंकी,
पुरालेख अधिकारी राजस्थान राज्य अभिलेखागार विभाग, अजमेर

इसलिए खास है 36
कौम का नारा


आमतौर पर बोलचाल या ग्रामीण पंचायतों आदि जगहों के
सार्वजनिक कार्यक्रमों में 36 कौम की बात की जाती हैं।


चुनाव हो या कोई
बड़ी सार्वजनिक सभा, वहां पर नेता या जनप्रतिनिधि 36 कौम को सहूलियतें देने और सभी
का खयाल रखने की बात करते हैं। हर पार्टी खुद को 36 कौमों का सरपस्त बताकर मतदाताओं
को लुभाती आ रही है।

अभिलेखागार में अजमेर-मेरवाड़ा राज्य के समय प्रकाशित
डिस्ट्रिक्ट गजेटियर में 1951 की जनसंख्या प्रतिवेदन के अनुसार प्राचीन जाति
वर्गीकरण एवं रहन-सहन आदि की पत्रावली संरक्षित है।बसंतसिंह सोलंकी, पुरालेख
अधिकारी राजस्थान राज्य अभिलेखागार विभाग, अजमेर

अजमेर-मेरवाड़ा गजेटियर
में शामिल जातियां


1. महाजन
2. राजपूत
3. मुस्लिम
4.
माली
5. छीपा
6. रंगरेज
7. लोहार
8. तेली
9. सुनार
10.
ठठेरा
11. लखारा
12. कुम्हार
13. सुथार
14. ब्राह्मण
15.
नाई
16. ढोली
17. दर्जी
18. फकीर
19. चूनगिनार (पत्थर कारीगर)
20.
जाट
21. गुर्जर
22. पिनारा/ बुनकर
23. मोची
24. खटीक
25. कीर
(केवट)
26. रेगर व चमार
27. भिश्ती
28. धोबी
29. घोसी
30.
कसाई
31. कलाल
32. रावत
33. मेहरात
34. बलाई
35. धानका
36.
चीता
37. हरिजन।

के.आर. मुंडियार