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हार्ट अटैक के बाद खुद मांसपेशियां रिपेयर करता है हमारा दिल, ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों की स्टडी में खुलासा

क्या हार्ट अटैक के बाद दिल खुद को ठीक कर सकता है? सिडनी में हुई एक नई स्टडी ने इसका खुलासा किया है। हृदय रोग के इलाज में आई इस बड़ी क्रांति के बारे में विस्तार से पढ़ें।

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ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने एक अहम खोज में यह साबित किया है कि हार्ट अटैक के बाद दिल अपनी मांसपेशियों की कोशिकाओं को दोबारा बना सकता है। यह पहली बार है जब इंसानों के दिल की मांसपेशियों में इस तरह दोबारा बनने की प्रक्रिया देखी गई है। पहले ऐसा केवल चूहों पर किए गए अध्ययनों में पाया गया था। शोध में पाया गया कि हार्ट अटैक के बाद दिल के कुछ हिस्सों में स्थायी घाव रह जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद नई कार्डियक मसल सेल्स बनती हैं। इससे संकेत मिलता है कि क्षतिग्रस्त हृदय ऊतक में खुद को ठीक करने की एक अब तक अज्ञात क्षमता मौजूद है।

सर्जरी करा रहे मरीजों पर की स्टडी

इस खोज के लिए शोधकर्ताओं ने सिडनी के रॉयल प्रिंस अल्फ्रेड अस्पताल में बाइपास सर्जरी करा रहे मरीजों के जीवित हृदय ऊतकों के नमूनों का अध्ययन किया। वैज्ञानिकों ने कहा कि भविष्य में ऐसे इलाज विकसित किए जा सकते हैं जो दिल की कार्यक्षमता को फिर से बहाल करने में मदद करें।

हार्ट अटैक से कई कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं

आमतौर पर हार्ट अटैक के दौरान दिल की लगभग एक-तिहाई मांसपेशी कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं। इस वजह से खून को पंप करने की क्षमता काफी कम हो जाती है। चूंकि हृदय रोग दुनियाभर में मौत का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है, ऐसे में यह खोज अहम साबित हो सकती है। इससे इलाज के लिए नई थेरेपी बनाई जा सकती है।