
अजमेर . नेशनल फैडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन्स (एनएफआईआर) के अध्यक्ष गुमानसिंह ने कहा है कि रेलवे में हाल ही में निकली लगभग 89 हजार भर्ती महज दिखावा है। दरअसल रेलवे में दो लाख से अधिक पद रिक्त है जिस वजह से मौजूदा रेल कर्मियों पर कार्य का दबाव बढ़ता जा रहा है। इंटक दिवस पर अजमेर आए गुमानसिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रेलवे बोर्ड ने सर्वाधिक गु्रप डी के तहत 62 हजार पद पर नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ की है।
भर्तियों के लिए आवेदकों की संख्या किसी रिकॉर्ड बुक में दर्ज तो हो सकती है लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया समाप्त होते-होते इनमें से 60 प्रतिशत कर्मचारी बेहतर विकल्प मिलने पर नौकरी छोड़ देते हैं। इस वजह से रेलवे में रिक्त पदों का आंकड़ा वापस पहले जैसा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रुप सी के तहत की महत्वपूर्ण पद खाली हैं लेकिन सरकार इन पर नियुक्ति पर कोई विचार नहीं कर रही।
हड़ताल के मुद्दे पर सरकार ने दिया धोखा
सिंह ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों की मांगों को लेकर रेलवे के दोनों बड़े रेलवे संगठनों ने हड़ताल करने का फैसला किया था। लेकिन हड़ताल के कुछ दिन पहले ही केन्द्र सरकार ने समस्या समाधान के लिए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जिसमें रेलवे कर्मचारियों की मांगों को लेकर समितियों का गठन किया गया।
सरकार के आश्वासन के बाद हड़ताल स्थगित की गई। समितियों की सकारात्मक रिपोर्ट के बावजूद इसे लागू नहीं किया जा रहा है इससे जाहिर होता है कि केन्द्र सरकार ने हड़ताल के मुद्दे पर रेलवे संगठनों सहित लाखों रेल कर्मचारियों के साथ धोखा किया है।
Published on:
04 May 2018 01:58 pm
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