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पाकिस्तान से अजमेर पहुंचा इनका स्वाद, बहुत खूब है लाहौर का सेंधा और काला नमक

नमक सिंध के रास्ते पंजाब होता हुआ भारत के विभिन्न राज्यों में पहुंचता है। इससे कई लोगों को रोजगार मिल रहा है।

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black salt in ajmer

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अजमेर।

भारत-पाक के रिश्तों में चाहे कितनी ही तल्खियां हों, लेकिन व्यापारिक संबंध अब भी अप्रत्यक्ष रूप से बने हुए हैं। फिर वो चाहे सीमा पर वस्तुओं की अदला-बदली हो या औपचारिक व्यापार। दोनों देशों में कई लेन देन व्यापारिक स्तर पर चल रहे हैं।

ऐसे ही व्यापार का उदाहरण इन दिनों अजमेर में देखने को मिल रहा है। यहां बाघा बॉर्डर के रास्ते सीधा चट्टानों से निकाला हुआ पाकिस्तान का लाहौरी सेंधा व काला नमक बिक रहा है। यह नमक सिंध के रास्ते पंजाब होता हुआ भारत के विभिन्न राज्यों में पहुंचता है। इससे कई लोगों को रोजगार मिल रहा है।

सेहत के लिए फायदेमंद
काला व सेंधा नमक ब्लड प्रेशर, डायबिटीज व अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। व्रत उपवास व सलाद इत्यादि में भी सेंधा व काले नमक का अधिकता उपयोग किया जाता है। यह मनुष्य के साथ ही जानवरों के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है।

ट्रेक्टर ट्राली में कर रहे खाने पीने का जुगाड़
गंगानगर से लाहौरी व सेंधा नमक बेचने आए प्रकाश व उसके परिवार ने बताया कि यह उनका पैतृक कारोबार है। वे अपने पूर्वजों के समय से लाहौरी नमक भारत के विभिन्न राज्यों के शहरों व गांवों में बेच आ रहे हैं। इसी से इनके परिवार का गुजर बसर होता है।

साथ ही शहर के मुख्य बाजार में ट्रेक्टर ट्रॉली लाने पर रोक के कारण जयपुर रोड पर ही ट्रेक्टर ट्रॉली लगाकर नमक बेच रहे हैं। इसी ट्रॉली में उन्होंने अपने खाने पीने का सामान व अन्य जरूरत की सामग्री रखी है। उन्हें सर्द मौसम की रात ट्रेक्टर ट्रॉली में ही रात गुजारनी पड़ती है।

बाजार से सस्ता
बाजार में जहां सेंधा व काले नमक की कीमत तकरीबन पचास से साठ रुपए किलो हैं वहीं ये बाघा बॉर्डर से आने वाला नमक पच्चीस से तीस रुपए किलो में बिक रहा है। साथ ही इस नमक में किसी तरह की कोई मिलावट नहीं है। प्रतिदिन पचास से साठ किलो नमक की बिक्री इस नमक की हो रही है।