
अजमेर जिले में पैंथर सक्रिय,जंगल छोड़ आबादी का रुख
ajmer अजमेर. जंगल का स्वाभाविक माहौल नहीं रहा। कोलाहल बढ़ रहा है। शिकार और पानी की कमी है। ऐसे में वन्यजीव आबादी में घुस रहे हैं। पिछले दो-तीन साल से अजमेर जिले के मसूदा, ब्यावर, श्रीनगर, भिनाय, सावर, पुष्कर सहित खरवा इलाके में पैंथर की सक्रियता दर्ज की गई है। इस दौरान मवेशियों का शिकार व ग्रामीणों पर हमले की घटनाएं हुई। कई लोगों ने पैंथर को देखा भी है तो उसके पगमार्क भी मिले हैं। पिछले साल अजमेर समीप घूघरा से एक पैंथर को पिंजरे में पकड़ कर जयपुर भेजा गया था। खरवा में भी पैंथर को पकड़ कर जंगल में छोड़ा गया।
पैंथर की सुनी दहाड़
भिनाय क्षेत्र में पैंथर के सक्रिय होने की सूचना है। कई लोगों को पैंथर की दहाड़ सुनी है तो कुछ लोगों को झाडिय़ों की ओट में पैंथर नजर आया। शनिवार को पैंथर ने एक बछड़े का शिकार किया। इससे पैंथर की सक्रियता की पुष्टि हो गई। इन दिनों खेतों में फसल कटाई का कार्य चल रहा है। पैंथर की गतिविधियां बढऩे से किसानों में भय पैदा हो गया है।
खेतों से शाम ढलते ही किसान घर लौट रहे हैं। भिनाय क्षेत्र की पहाडिय़ों में जनवरी 2020 से पैंथर का मूवमेंट रहा है। क्षेत्र के ग्राम रेण, बूबकिया, रेण का झोंपड़ा, भिनाय सहित कई गांवों में पैंथर की दस्तक होती रही है।पैंथर ने पूर्व में जतीजी के बाग के पास स्थित रामलाल कुम्हार के बाड़े से एक बछड़े का शिकार किया था। वहीं कुछ दिनों पूर्व एक सूअर को निवाला बनाया। पैंथर ने भिनाय के रेण गैट के बाहर व केकडी रोड स्थित बाड़ों में भी कई मवेशियों को शिकार बनाया था।
पिछले साल चकमा दे गया था पैंथर
वन विभाग ने पैंथर को पकडऩे के लिए पूर्व में ग्राम रेण में पिंजरा भी लगाया था। भिनाय के पहाड़ों की खाक भी छान मारी, लेकिन वनकर्मियों के हाथ सफलता नहीं लगी। वहीं शनिवार को फिर पैंथर ने ग्रामीण हरि बागवान के कुएं पर बछड़े का शिकार किया। सूचना पर पूर्व सरपंच तुलसीराम खींची, वनकर्मी रामसिंह, ओमप्रकाश माली सहित कई लोग मौके पर पहुंचे।
पुष्कर से मंगाया पिंजरा
भिनाय सरंपच अर्चना सुराणा, पूर्व सरपंच तुलसीराम खींची व ग्रामीणों ने वन विभाग से पैंथर को पकडऩे के लिए पिंजरा लगाने की मांग की। इस पर शनिवार देर शाम वन विभाग की टीम ने पुष्कर से मंगाकर पिंजरा लगा दिया। भिनाय के वनपाल राजेन्द्र सिंह क्षेत्र में पैंथर के मूवमेन्ट को देखते हुए चौकन्ना रहने को कहा है। इस दौरान पशु रक्षक रामसिंह, बालू सिंह, रघुनाथ, महादेव, ग्रामीण भागचन्द मिश्रा, अजय गौड, हीरालाल बैरवा, दौलत हरीजन, प्रभू माली, गोपाल बैरवा, बुधराज माली सहित कई ग्रामीणों ने पिंजरा लगाने में मदद की।
Published on:
11 Oct 2020 12:19 am
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