15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

थाने के बाहर अचानक दिया चोर ने पुलिसकर्मियों को धक्का, कुछ मिनटों में हो गया फरार

पुलिस उसे शहर में नाकाबंदी कर तलाशने में जुटी है।

2 min read
Google source verification
prisoner abscond from ajmer

prisoner abscond from ajmer

अजमेर

उर्स में आए मुम्बई के जायरीन की कार चोरी के मामले में गिरफ्तार कुख्यात वाहन चोर सद्दाम कोतवाली थाना पुलिस को गच्चा देकर फरार हो गया। उसको कोतवाली थाना पुलिस अदालत में पेशी पर लेकर आई थी। आरोपित पुलिस के जवानों से हाथ छुड़ाकर भाग निकला। पुलिस उसे शहर में नाकाबंदी कर तलाशने में जुटी है।

जानकारी अनुसार कोतवाली थाना पुलिस की अभिरक्षा से कुख्यात वाहन चोर नसीराबाद रामसर निवासी सद्दाम फरार हो गया। पुलिसकर्मी उसे बुधवार दोपहर अदालत में पेश करने आए थे। कुख्यात चोर कोर्ट परिसर में पुलिस पुलिस के जवानों को गच्चा देकर निकल गया। कुख्यात वाहन चोर के पुलिस अभिरक्षा में फरार होते ही हड़कम्प मच गया। पुलिस ने नाकाबंदी करवाकर आरोपित की तलाश शुरू कर दी। जबकि सेशन कोर्ट, केन्द्रीय बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने तलाश शुरू कर दी।

सद्दाम ने 22 मार्च रात को जयपुर रोड आगरा गेट स्थित टुलीप होटल के सामने से महाराष्ट्र सोलापुर निवासी दीवाकर बनसोड़े की कार चोरी की थी। वारदात के बाद महिला कांस्टेबल की सूचना पर साइबर सेल व कोतवाली थाना पुलिस ने सद्दाम को पंचशीलनगर इलाके से चोरी के वाहन के साथ 23 मार्च को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित ने पुलिस के समक्ष पिछले दिनों 10 से ज्यादा चोरी की वारदातें अंजाम देना कबूली थी।

आनंदपाल भी भागा था हिरासत से

गैंगस्टर आनंदपाल सिंह भी साल सितम्बर 2015 में नागौर के निकट पेशी पर ले जाते वक्त पुलिस को गच्चा देकर फरार हो गया था। आनंदपाल सिंह ने पुलिस कमांडो की मदद से सभी पुलिसकर्मियों को नशीली मिठाई खिलाई। इसके बाद योजना के अनुसार उसके साथ पुलिस वैन के पास पहुंचे और उसे लेकर फरार हो गए। इस मामले में पुलिस कमांडो को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। जबकि अन्य पुलिसकर्मियों के केस चल रहे हैं।

बाद में मारा गया था एनकाउंटर में

आनंदपाल सिंह करीब साल भर से ज्यादा दिनों तक फरार रहा। साल 2017 में जून में आनंदपाल के सीकर-झुंझनूं जिले के गांव में छिपे होने की जानकारी मिली। इस पर एसओजी और एटीएस ने उसे पकडऩे की योजना बनाई। पुलिस बल गोपनीय तरीके से खेत पर बने मकान पर पहुंचा। आनंदपाल सिंह को पुलिस से घिरे होने की जानकारी मिल गई।

उसने दनादन फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। इसी बीच गोलियां लगने से आनंदपाल सिंह मौके पर ही ढेर हो गया। इसके बाद उसकी अंत्येष्टि को लेकर सांवराद गांव में 20 दिन तक नौटंकी चली। परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। पुलिस को सांवरदा में फायरिंग भी करनी पड़ी थी।