
nagar nigam
अजमेर. शहर में सुबह हुई जोरदार बरसात ने प्रशासन (administration )के दावों पोल खोल दी। न संसाधन नजर आए और न विभागों के बीच तालमेल। खुद महापौर (mayor) तक को अपने वार्ड (ward) को बचाने के लिए दूसरे विभाग से मदद मांगनी पड़ी। दो दिन पूर्व ही जिला कलक्टर ने आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों की बैठक लेते हुए विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। लेकिन विभागों ने इसे गंभीरता से लेते हुए तैयारी नहीं की। नगर निगम को अब पम्प खरीदने की याद आ रही है। एनडीआरएफ (ndrf) ने ही नागफनी में मकान गिरने की सूचना के बाद मोर्चा संभाला और घायलों व मृतकों को बाहर निकाला। करीब सभी सरकारी दफ्तरों में पानी भरा होने से कामकाज प्रभावित हुआ। सूचना केन्द्र में सुबह से लेकर देर शाम तक पानी भरा लेकिन नगर निगम का पम्प नहीं पहुंच सका। rain disclose disaster management of administration
पम्प के लिए लगाते रहे गुहार
सागर विहार, गुलमोहर कॉलोनी, वन विहार क्षेत्र में घरों में 3-4 फुट पानी भर गया। इस क्षेत्र में आना सागर के सीपेज का पानी पहले ही एकत्रित रहता है जिसे पम्प के जरिए वापस आना सागर में डाला जाता है। तेज बरसात के कारण चारो तरफ पानी भर गया। पानी निकालने के लिए यहां 5 पम्प हैं जिनमें तीन इलेक्ट्रिक तथा दो डीजल पम्प हैं। लेकिन मौके पर तीन ही चालू थे। बाद में पहुचे एडीए अभियंताओं ने अन्य पम्प चालू करवाए। खुद का पम्प नहीं होने के कारण सिंचाई विभाग लाचार नजर आया। एडीए ने विश्रामस्थली से बड़ा पम्प ट्रक के जरिए भेजा लेकिन वह जाम में फंस गया। सिंचाई विभाग के पास उ"ा क्षमता को पम्प तो है लेकिन वह जिला खंड में होने से मौके पर नहीं लगाया जा सका। यह पम्प प्रशासन की ओर से सिंचाई विभाग को उपलब्ध करवाया गया था।
Published on:
01 Aug 2019 10:06 pm
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