
घायल होटल कर्मियों के बयान पुलिस के लिए चुनौती
अजमेर. निलम्बित आईएएस गिरधर और आईपीएस सुशील कुमार विश्नोई और उनकी मित्र मंडली की ओर से गत दिनों होटल कर्मचारियों से मारपीट के मामले में अनुसंधान अधिकारी के सामने पीडि़तों के बयान लेना चुनौती बना हुआ है। प्रकरण में अनुसंधान अधिकारी बीते 5 दिन में सिर्फ 4 कर्मचारियों के बयान दर्ज कर सके हैं, जबकि मारपीट में घायल 3 होटलकर्मी मानसिक अवसाद व बीमार होने का हवाला देकर अपने गांव चले गए।
पड़ताल में आया कि प्रकरण का अनुसंधान कर रहे वृत्ताधिकारी अजमेर ग्रामीण मनीष बड़गूजर अब तक 4 होटल कर्मचारियों के बयान दर्ज कर चुके हैं। इसमें होटलकर्मियों का सुपरवाइजर उमेश, नरेन्द्र, तेजपाल व विजय सिंह शामिल है। होटल कर्मचारी सलीम (दिव्यांग), भूपेन्द्र और अरविन्द दो दिन पहले अपने गांव चले गए। होटल संचालक महेन्द्र सिंह ने बताया कि मारपीट में घायल होटल कर्मचारियों की मनोस्थिति फिलहाल सामान्य नहीं हो पाई है। इनमें सलीम, भूपेन्द्र और अरविन्द बीमार होने पर अपने गांव चले गए। स्वस्थ होने के बाद तीनों वापस होटल लौंटेंगे, तभी उनके बयान हो सकेंगे।
जमानत पर निकली मित्र मंडली
प्रकरण में शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए 5 आरोपितों को 14 जून देर रात एसडीएम कोर्ट से जमानत मिल गई। अजमेर सेन्ट्रल जेल से उन्हें 15 जून सुबह रिहा कर दिया गया।गौरतलब है कि गेगल थाना पुलिस ने 12 जून को प्रकरण दर्जकर देर शाम टोंक निवासी मुकेश कुमार, हनुमान चौधरी, सीकर लोसल हाल फतेहपुर निवासी मुकेश कुमार, पीपलू निवासी नरेन्द्र चौधरी व नागौर खींवसर हाल जयपुर निवासी सुरेन्द्र जाट को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।
आईएएस-आईपीएस पर असमंजस
प्रकरण में आईएएस गिरधर व आईपीएस विश्नोई के नामजद किए जाने पर असमंजस बना हुआ है। कथित तौर पर अब तक शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार 5 आरोपियों को प्रकरण में नामजद माना जा रहा है, जबकि आईएएस गिरधर व आईपीएस विश्नोई पीडि़त होटल कर्मचारियों के बयान पूरे होने के बाद शामिल होंगे या निकाले जाएंगे। इस पर फैसला हो सकेगा।
Published on:
17 Jun 2023 04:27 am
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