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RBSE: शुरू हुआ बोर्ड का कंट्रोल रूम, सप्लीमेंट्री एग्जाम 3 से

दसवीं-बारहवीं की पूरक परीक्षाओं के लिए खोला गया है कंट्रोल रूम

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rbse students help

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अजमेर.

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड दसवीं और बारहवीं की पूरक परीक्षाएं कराने की तैयारी में जुट गया है। बोर्ड के दफ्तर में कंट्रोल रूम शुरू हो गया है। स्टूडेंट्स एग्जाम से जुड़ी किसी भी परेशानी के लिए फोन पर संपर्क कर सकेंगे। परीक्षाएं 3 सितंबर से प्रारंभ होंगी।

बोर्ड की बारहवीं विज्ञान संकाय में 4396, वाणिज्य संकाय में 1143 तथा कला संकाय में 8,444 विद्यार्थियों को पूरक योग्य घोषित किया गया है। इसी तरह दसवीं कक्षा में 90, 648 विद्यार्थियों के पूरक आई है। पूरक परीक्षाएं 3 सितंबर से प्रारंभ होंगी। बोर्ड ऑनलाइन परीक्षा फॉंर्म भरवाने के अलावा टाइम टेबल जारी कर चुका है। प्रवेश पत्र जारीविद्यार्थियों के प्रवेश पत्र स्कूल स्तर पर डाउनलोड किए जाएंगे। नियमित विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र संस्था प्रधान और स्वयंपाठी विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र मुख्य केंद्राधीक्षक (जहां विद्यार्थी ने शुल्क जमा कराया) डाउनलोड कर जारी करेंगे। संस्था प्रधान एवं मुख्य केंद्राधीक्षक स्तर पर सत्यापन/प्रमाणीकरण के बाद ही प्रवेश पत्र विद्यार्थियों को दिए जाएंगे।

परेशानी हो तो संपर्क करें कंट्रोल रूम में
पूरक परीक्षाओं के लिए बोर्ड में 29 अगस्त से कंट्रोल रूम शुरू हो गया है। यह सुबह 7 से रात्रि 9 बजे तक चालू रहेगा। कंट्रोल रूम 12 सितंबर तक कार्यरत रहेगा।

विद्यार्थियों को दीं किताबें-गैजेट्स, ताकि नहीं रुके पढ़ाई

मुश्किल समय में एजुकेटर्स ने संभाला मोर्चा: कोई आईपैड तो कोई मोबाइल से पढ़ा रहा बच्चों को।

रक्तिम तिवारी/अजमेर. कोविड-19 के चलते देशभर में स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी भले छह महीने से बंद हैं। इसके बीच कई एजुकेटर्स मददगार बनकर सामने आए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी है। कई शिक्षकों ने जरूरतमंद विद्यार्थियों को किताबें-गैजेट्स मुहैया कराए हैं। ताकि उनकी पढ़ाई में दिक्ततें नहीं हो।

कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल, कॉलेज-यूनिवर्सिटी परिसर छह महीने से लॉकडाउन हैं। बदले हालात मेंऑफलाइन कक्षाएं संभव नहीं है। लेकिन एजुकेटर्स और विद्यार्थियों ने खुद ही घरों को लर्निंग और स्किल सेंटर में तब्दील कर लिया है।

पहले पढ़ते टॉपिक, फिर बनाते वीडियो
एसपीसी-जीसीए के केमिस्ट्री के रीडर डॉ. अलोक चतुर्वेदी पिछले ढाई महीने ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं। वे रोजाना सुबह पहले खुद टॉपिक को पढ़कर हिंदी और अंग्रेजी में नोट्स बनाते हैं। उसके बाद खुद पीपीटी, वीडियो बनाकर कॉलेज ग्रुप और विद्यार्थियों के वॉट्सएप ग्रुप में अपलोड कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में चार घंटे लगते हैं। कोई टॉपिक समझ नहीं आने पर यूजी और पीजी क्लास के विद्यार्थी उनसे तुरंत संपर्क करते हैं। वे तत्काल पूरा पाठ या टॉपिक ऑनलाइन समझाते हैं।

पढ़ाने के लिए खरीदा स्मार्ट आईपैड
बॉटनी की रीडर डॉ. अनिता शर्मा ने कोरोना में बदले हालात के चलते सबसे पहले आईपैड खरीदा। तकनीकी जानकारी सीखने के बाद वे रोजाना क्लास ले रही हैं। उन्होंने अपने कमरे को क्लासरूम जैसा बना लिया है। आईपैड को ब्लैकबोर्ड की तरह इस्तेमाल कर वे ऑनलाइन कक्षा लेती हैं। रोज वीडियो-पीपीटी बनाकर ग्रुप में अपलोड करती हैं। विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान का भी नियमित ध्यान रखती हैं।

घर पर ग्रीन बोर्ड, रोज पढ़ाते ऑनलाइन
गणित के रीडर डॉ. पी. आर. परिहार ने घर को ही कक्षा में तब्दील कर दिया है। ग्रीन बोर्ड पर चॉक लेकर वे ऑफलाइन स्टाइल में ऑनलाइन कक्षा ले रहे हैं। ताकि विद्यार्थियों को कक्षा में बैठने का एहसास हो। कॉलेज ग्रुप में वीडियो-पीपीटी अपलोड करने के अलावा वे विद्यार्थियों से नियमित संपर्क करते हैं। गणित विषय पढ़ाने के कारण 24 घंटे विद्यार्थी उनसे फोन पर समस्याएं पूछते हैं। वे हर विद्यार्थी को तत्काल जवाब देते हैं।

बनाया सभी कक्षाओं का ईआरपी सिस्टम
सोफिया कॉलेज प्राचार्य डॉ. सिस्टर पर्ल के नेतृत्व में शिक्षकों ने ऑनलाइन लेक्चर और नोट्स शिक्षकों ने सभी विषयों के ऑनलाइन वीडियो लेक्चर और नोट्स रिकॉर्ड किए हैं। पावर पॉइन्ट प्रजन्टेशन बनाए हैं। ऑनलाइन इन्हें छात्राओं को मोबाइल या ईआरपी सिस्टम से भेजा जा रहा है। शिक्षक सोशल प्लेटफार्म पर छात्राओं को पढ़ा भी रही हैं। खुद छात्राएं भी आपस में वॉट्सएप ग्रुप से जुड़ी हैं।

बिना बताए मदद, ताकि नहीं हो पढऩे में दिक्कत
स्कूल, कॉलेज के कई शिक्षक कोरोना संक्रमण में मददगार बने हुए हैं। पढ़ाने के साथ-साथ उन्होंने कई जरूरतमंद विद्यार्थियों को पुस्तकें, कॉपी मुहैया करा रहे हैं। कुछ शिक्षकों ने ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को अपने पुराने स्मार्ट फोन दिए हैं। ताकि उन्हें पढ़ाई में परेशानी नहीं हो। शिक्षकों ने विद्यार्थियों की आर्थिक मदद की है। ऐसे शिक्षकों से पत्रिका ने बातचीत की। लेकिन नाम गुप्त रखने की शर्त पर......।

सब इंस्पेक्टर बनने का इंतजार, नजरें हैं रिजल्ट पर


आयोग को जारी करना है परिणाम।
अजमेर. राजस्थान लोक आयोग में उप निरीक्षक/प्लाटून कमाण्डर 2016 के साक्षात्कार जारी हैं। बीते डेढ़ महीने से जारी साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अभ्यर्थियों को अब रिजल्ट का इंतजार है। आयोग के परिणाम जारी करने के बाद कामयाब अभ्यर्थी सब इंस्पेक्टर बन सकेंगे।
आयोग में बीती 8 जुलाई से उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर भर्ती-2016 के साक्षात्कार प्रारंभ हुए थे। पहली पारी में सुबह 9 और दूसरी पारी में दोपहर 2 बजे से साक्षात्कार कराए गए। आयोग के तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार साक्षात्कार पूरे हो चुके हैं।

चार साल बाद पूरी होगी भर्ती
उपनिरीक्षक-प्लाटून कमांडर भर्ती-2016 सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हुई है। आयोग ने वर्ष 2016 को पुलिस उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। इसमें उपनिरीक्षक (एपी) के 147, उपनिरीक्षक (आई.बी.) के 65 और प्लाटून कमांडर (आरएसी) के 114 और उप निरीक्षक एमबीसी के 4 पद (कुल 330) शामिल थे। पदों में बढ़ोतरी को लेकर 10 से 12 शुद्धिपत्र निकालने पड़े।

अब रिजल्ट का इंतजार
आयोग ने 511 पदों के लिए 7 अक्टूबर 2018 को परीक्षा कराई। अब यह भर्ती अंजाम तक पहुंचेगी। अभी भी पुलिस महानिदेशालय ने गृह विभाग को 227 पद बढ़ाने की अनुशंषा की है। इंटरव्यू पूरे हो चुके हैं। अभ्यर्थियों को अब रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है।