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कल का सीमेंट डीलर आज बना गेंगस्टर आनंदपाल, आप भी पढ़ें क्या है सच

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी चर्चा में हैं। जिसमें यह बताया गया है कि किस तरह आनंदपाल अपराधी बन गया।

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शहडोल

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ajay yadav

Sep 10, 2016

anadpal singh

anadpal singh

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी चर्चा में हैं। जिसमें यह बताया गया है कि किस तरह आनंदपाल अपराधी बन गया। राजनीतिक प्रतिद्वंदिता ने एक युवक को अपराध की राह पर धकेल दिया। लाडऩूं के गोशाला मार्केट में सीमेंट की दुकान चलाने वाला पप्पू मुकदमों के जाल में एेसा फंसा की राजस्थान का खूंखार अपराधी आनंदपाल सिंह बन गया।

फेसबुक, वाट्सएप सहित अन्य सोशल मीडिया पर प्रचलित इस पोस्ट में बताया गया कि नागौर जिले के लाडनूं डीडवाना रोड स्थित सांवराद गांव में हुक्म सिंह चौहान के पुत्र आनंदपाल का जन्म हुआ। डीडवाना स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद उसने लाडनूं में सीमेंट बेचने का काम शुरू कर दिया।

वर्ष 1999- 2000 में हुए पंचायती राज चुनाव में आनंदपाल ने भाजपा के टिकट पर प्रधान का चुनाव लड़ा। चुनाव में एक दिवंगत जाट नेता का पुत्र आनंदपाल के सामने था। आनंदपाल यह चुनाव हार गया लेकिन जाट नेता और उसके मध्य रंकिजश पनप गई।

नवम्बर वर्ष 2000 में लाडनूं पंचायत समिति के स्थाई समितियों का चुनाव में दिवंगत जाट नेता और आनंदपाल में तकरार हुई। आरोप है कि नाराज जाट नेता ने तत्कालीन विकास अधिकारी से आनंदपाल सहित दो जिला परिषद सदस्यों के खिलाफ लाडनूं थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया।

इसके बाद जाट नेता के इशारे पर ही आनंदपाल व उसके दो भाईयों के खिलाफ मुकदमें दर्ज हुए। एक किसान नेता ने आनंदपाल के पक्ष में तत्कालीन नागौर एसपी से मिलकर इन मुकदमों की सच्चाई बता दी लेकिन जाट नेता का प्रभाव इतना था कि किसान नेता के खिलाफ ही मुकदमें दर्ज हो गए।

क्या डीजीपी बनने की मजबूरी में दिया साथ

सोशल मीडिया पर प्रचलित पोस्ट में लिखा है कि जाट नेता ने राजस्थान के एक पुलिस अफसर को डीजीपी बनाने के लिए यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इस पुलिस अधिकारी के इशारे पर आनंदपाल के खिलाफ मुकदमें दर्ज होते चले गए।

वष 2001, 9 जनवरी में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सभा में पत्थर फेंकने के मामले में, वर्ष 2001, 16 जनवरी को कोलिया गांव में हुई लूट में तथा वर्ष 2001, 11 फरवरी को लाडनूं में हुई खेराज की हत्या के मुकदमें दर्ज होते गए और पप्पू बन गया खूंखार अपराधी आनंद पाल सिंह।

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