
member in rpsc
रक्तिम तिवारी/अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग में सदस्यों की कमी होने वाली है। जून में दो सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही सरकार को चार नए सदस्यों की नियुक्ति करनी पड़ेगी।
वर्ष 1949 में राजस्थान लोक सेवा आयोग सेवा का गठन किया गया था। इसका कार्य निर्धारण राजस्थान लोक सेवा आयोग नियम एवं शर्तें 1963, राजस्थान लोक सेवा आयोग ( शर्तें एवं प्रक्रिया का मान्यकरण अध्यादेश -1975, नियम-1976) के तहत हुआ है। आयोग में शुरुआत से अध्यक्ष सहित पांच सदस्य होते थे। कांग्रेस सरकार ने पिछले कार्यकाल (2013) में दो सदस्यों की संख्या बढ़ा दी थी। इससे आयोग सात सदस्यीय हो गया है।
मीणा-बगडिय़ा का कार्यकाल 18 जून तक
आयोगसदस्य डॉ. के. आर. बगडिय़ा और सुरजीत की नियुक्ति भी 18 जून 2013 को हुई थी। हालांकि बगडिय़ा की जन्मतिथि 1 सितंबर 1963 और मीना की 5 जून 1959 है। लेकिन नियमानुसार आयोग में दोनों का छह वर्ष का कार्यकाल 18 जून को पूरा हो जाएगा। मालूम हो कि बीते अप्रेल में पूर्व सदस्य डॉ. आर. डी. सैनी का कार्यकाल खत्म हो चुका है।
बनाने होंगे चार सदस्य
कांग्रेस सरकार को आयोग में चार सदस्यों की नियुक्ति करनी होगी। इनमें सातवां सदस्य भी शामिल है, जो पिछले छह साल से रिक्त है। सरकार ने समय रहते आयोग में सदस्यों की नियुक्ति नहीं की तो आयोग की परेशानियां बढ़ जाएंगी। यहां अध्यक्ष दीपक उप्रेती के अलावा सदस्य डॉ. शिवसिंह राठौड़, राजकुमारी गुर्जर और रामूराम राइका ही रह जाएंगे।
Published on:
30 May 2019 06:32 am
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
