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RPSC: एकसाथ नहीं मिलते भर्तियों के पद, प्रक्रिया में होती है देरी

बार-बार शुद्धि पत्र जारी होने से परीक्षा और परिणाम में परेशानी।

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rpsc recruitment

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रक्तिम तिवारी/अजमेर.

भर्तियों के मामले में राजस्थान लोक सेवा आयोग भर्तियों के एकमुश्त पद भेजने के लिए सरकार को पत्र भेजेगा। बार-बार शुद्धि पत्र जारी करने, परीक्षा और परिणाम में देरी के चलते यह फैसला किया गया है।

आयोग आरएएस और अधीनस्थ सेवाओं सहित कॉलेज, स्कूल व्याख्याता, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और अन्य विभागों की भर्ती परीक्षाएं करता है। इसके लिए कार्मिक विभाग विभागवार रिक्त पदों का ब्यौरा लेकर आयोग को भर्ती की अनुशंषा करता है। आयोग पदों के वर्गवार परीक्षण के बाद ऑनलाइन आवेदन मांगता है।

शुद्धि पत्र बनते हैं परेशानी
आयोग के भर्तियों के आवेदन मांगने, परीक्षा-साक्षात्कार कराने के बाद सरकार और कार्मिक विभाग शुद्धि पत्र भेजते हैं। इसमें पूर्व आवेदित पदों के अलावा नए पद सृजित करने की अनुशंषा होती है। इससे भर्ती प्रक्रिया में बेवजह की देरी होती है। आयोग को भी अधिसूचना के अनुसार नए पदों की एवज में दोबारा शुद्धि पत्र निकालकर संशोधित परिणाम जारी करना पड़ता है।

केस-1: सिररर्द बनी उपनिरीक्षक भर्ती
उपनिरीक्षक-प्लाटून कमांडर भर्ती-2016 सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हुई है। आयोग ने वर्ष 2016 को पुलिस उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। इसमें उपनिरीक्षक (एपी) के 147, उपनिरीक्षक (आई.बी.) के 65 और प्लाटून कमांडर (आरएसी) के 114 और उप निरीक्षक एमबीसी के 4 पद (कुल 330) शामिल थे। पदों में बढ़ोतरी को लेकर 10 से 12 शुद्धिपत्र निकालने पड़े। बाद मेिं आयोग ने 511 पदों के लिए 7 अक्टूबर 2018 को परीक्षा कराई। अभी भी पुलिस महानिदेशालय ने गृह विभाग को 227 पद बढ़ाने की अनुशंषा की है।

केस-2 : करानी पड़ी 12 पदों की परीक्षा
साल 2012 की आरएएस भर्ती में आबकारी विभागीय कर्मचारियों के करीब 14 पद थे। दो पदों पर नियुक्ति के बाद 12 पद खाली रह गए थे। नियमानुसार इन खाली पदों को आरएएस भर्ती-2016 में शामिल करना था। आयोग को कार्मिक विभाग से समय पर जवाब नहीं मिला। पदों को समायोजित नहीं करने पर विनोद कुमार शर्मा और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इसके बाद साल 2018 में 12 पदों के लिए नए सिरे से परीक्षा करानी पड़ी।

आयोग को होती है ये परेशानी
-पदों में बार-बार अभिवृद्धि से प्रक्रिया प्रभावित
-आयोग को जारी करने पड़ते हैं बार-बार शुद्धि पत्र
-परीक्षा और साक्षात्कार होने के बाद पदों में बढ़ोतरी पर भर्ती में विलंब
-वर्गवार पदों का परीक्षण कर निकालना पड़ता है संशोधित परिणाम
-जरूरत पडऩे पर बढ़े हुए पदों के लिए नए सिरे से परीक्षा

यूपीएससी को भेजते हैं एकमुश्त पद
यूपीएससी के भर्ती नियमों की मानें तो केंद्र सरकार का कार्मिक विभाग अखिल भारतीय स्तर की भर्तियों- अभ्यर्थनाओं के एकमुश्त पद भेजता है। यूपीएससी केंद्र सरकार और संबंधित विभागों से वर्गवार पदों का अंतिम परीक्षण कराता है। भर्ती परीक्षाएं कराने, परिणाम निकालने अथवा साक्षात्कार के शुरुआत से पहले पद बढ़ोतरी/शुद्धि पत्र को स्वीकार नहीं किया जाता है। राजस्थान लोक सेवा आयोग भी इसको आधार बनाकर कार्मिक विभाग को पत्र भेजने वाला है। ताकि भर्तियों को नियत समय पर पूरा किया जा सके।


नियमानुसार अभ्यर्थनाओं-भर्तियों के पद एकमुश्त ही मिलने चाहिए। इसके लिए लिए कार्मिक विभाग को पत्र लिखेंगे। बार-बार शुद्धि पत्र से भर्तियों में विलंब होता है।
दीपक उप्रेती, अध्यक्ष राजस्थान लोक सेवा आयोग