
Kashmir saffron grow in Ajmer with Hitech room
कश्मीर बर्फीली वादियों- चिनार के दरख्त-सैर-सपाटे के अलावा केसर के लिए विख्यात है। वहां की केसर की महक अजमेर में भी फैल रही है। इजरायल की तकनीक से युवा डाटा साइंटिस्ट ने यह नवाचार किया है। उन्होंने घर के कमरे को लैब बनाकर केसर (Kashmir saffron) का उत्पादन शुरू किया है।युवा डाटा साइंटिस्ट यश घर के कमरे में लैब बनाकर कर रहे केसर का उत्पादन में जुटे हैं। उन्होंने इजरायल से अपने दोस्तों से तकनीक सीखकर घर में कश्मीर जैसा कृत्रिम वातावरण तैयार किया है।
मिट्टी-पानी की नहीं जरूरत
यश ने बताया कि ऐरोफॉनिक तकनीक से केसर को एक कमरे में उगाया जा रहा है। इस तकनीक में मिट्टी पानी की जरूरत नहीं पड़ती है। केसर को ह्यूमिडी फायर तकनीकी के तहत कई लेयर बनाकर उगाया जा रहा है। कश्मीर के ठंडे वातावरण को बनाए रखने के लिए खरीब डेढ़ टन का वातानुकूलित संयंत्र लगाया गया है। इससे केसर को सही ग्रोथ मिलती है।
दस साल तक ले सकते हैं उत्पादन
घर में तैयार लैब में दस से बारह साल तक केसर का उत्पादन किया जा सकता है। केसर के फूल को नवम्बर में ह्यूमिडी फायर तकनीक के तहत बोया जाता है। जुलाई तक इसके बार फूल निकलते हैं। सही तापमान और रखरखाव के चलते केसर का उत्पादन यथावत रहता है।
यूं सीखी तकनीक
यश ने इजरायल और ईरान स्थित दोस्तों-मित्रों से कृत्रिम केसर उत्पादन की जानकारी ली। इसके अलावा शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी के सेफ्रन विभाग से कई विषयों की जानकारी ली। वीडियो सर्च करने के अलावा वैज्ञानिक पद्धति के बारे में अध्ययन किया। इसके बाद वह केसर उत्पादन शुरू कर पाए हैं।
Published on:
05 Nov 2023 06:15 pm
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