15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अस्पताल में अव्यवस्था देख बिफरे जिला कलक्टर, प्रभारी को थमाया नोटिस

तमाम प्रयासों के बाद भी स्थानीय शहीद राघवेंद्र सिंह सामुदायिक चिकित्सालय के हालातों में सुधार नहीं हो पा रहा है। पिछले महीने उपखंड अधिकारी के लगातार तीन निरीक्षण और गत पखवाड़े में विधायक रोहित बोहरा के जायजा लेने के बाद चिकित्सालय के हालात विषम बने हुए हैं। शुक्रवार को जिला कलक्टर के निरीक्षण में भी अनियमितताएं मिलने पर वह बिफर गए और चिकित्सा प्रभारी को 17 सीसीए के तहत नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

2 min read
Google source verification

अजमेर

image

Dilip Sharma

Oct 15, 2022

अस्पताल में अव्यवस्था देख बिफरे जिला कलक्टर, प्रभारी को थमाया नोटिस

अस्पताल में अव्यवस्था देख बिफरे जिला कलक्टर, प्रभारी को थमाया नोटिस

राजाखेड़ा. तमाम प्रयासों के बाद भी स्थानीय शहीद राघवेंद्र सिंह सामुदायिक चिकित्सालय के हालातों में सुधार नहीं हो पा रहा है। पिछले महीने उपखंड अधिकारी के लगातार तीन निरीक्षण और गत पखवाड़े में विधायक रोहित बोहरा के जायजा लेने के बाद चिकित्सालय के हालात विषम बने हुए हैं। शुक्रवार को जिला कलक्टर के निरीक्षण में भी अनियमितताएं मिलने पर वह बिफर गए और चिकित्सा प्रभारी को 17 सीसीए के तहत नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जिससे चिकित्सालय में एकबारगी खलबली मच गई। निरीक्षण में जिला कलक्टर ने पाया कि प्रभारी चिकित्सक दस्तखत तो करते हैं लेकिन चिकित्सकीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं में उनकी उपस्थिति नगण्य पाई गई। जिसके चलते चिकित्सालय के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। जिसके चलते ही उनके विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई के नोटिस जारी किए जाएंगे।
सरकार की अपेक्षाओं से भी दूर

जिला कलक्टर अग्रवाल ने बताया कि सरकार जहां चिरंजीवी योजना के प्रचार प्रसार कर हर व्यक्ति को लाभान्वित करना चाहती है। चिकित्सालय व कर्मचारियों द्वारा बार बार के निर्देशों के बाद भी कोई कार्य नही किया गया है। यहां तक की चिकित्सालय में वर्षों पुरानी योजनाओं के बोर्ड लगे हुए हैं जो एक गंभीर लापरवाही है। ऐसे में राजकाज के प्रति चिकित्साकर्मियों की उदासीनता स्पष्ट दिखती है।
वार्डों में भर रखा था कबाड़

निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में सफाई कर्मियों की उपलब्धता के बाद भी गंदगी का आलम था। वार्डों में मरीजों के बिस्तरों की जगह चिकित्सालय का कबाड़ कर रखा हुआ था। वार्डों की जगह कंप्यूटर ऑपरेटर्स के कमरों में ऑक्सीजन लाइन पाई गई। जिसको अग्रवाल ने गंभीरता से लिया। गौरतलब है कि यही हालात विधायक के निरीक्षण में भी मिले थे और उन्होंने 3 दिवस में सुधार के निर्देश दिए थे लेकिन अस्पताल प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
ध्यान रहे मैं फिर आऊंगा

जिला कलक्टर ने चेतावनी दी कि वे फिर आएंगे और लगातार औचक निरीक्षण करेंगे। अगर सुधार नहीं हुआ तो हरसंभव कार्रवाई की जाएगी लेकिन आम जन का हित सर्वोपरि रखते हुए राज्य सरकार की अपेक्षाओं को निश्चित ही पूरा किया जाएगा। चिकित्सालय में संसाधनों की कोई भी कमी नहीं है। बस उनके बेहतर इस्तेमाल ओर प्रबंधन, राज्यकर्मियों के बेहतर कार्य प्रबंधन द्वारा इन्हें लोक स्वाथ्यय के लिए उपयोगी बनाया जाएगा।