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Snatching: स्नैचर्स ने झपट्टा मारकर उड़ाई स्कूल शिक्षिका की चेन

बोराज चौराहे पर हुई लूट की घटना। लूट की वारदात क्लॉज सर्किट कैमरे में कैद हो गई।

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स्नैचर्स ने झपट्टा मारकर उड़ाई स्कूल शिक्षिका की चेन

स्नैचर्स ने झपट्टा मारकर उड़ाई स्कूल शिक्षिका की चेन

फायसागर-बोराज इलाके में सोमवार को स्नैचर्स स्कूल शिक्षिका के गले पर झपट्टा मारकर सोने की चेन ले उड़े। अचानक हुई वारदात से पीडि़ता सकते में आ गई। दिनदहाड़े हुई लूट की वारदात क्लॉज सर्किट कैमरे में कैद हो गई। गंज थाना पुलिस मामले में आरोपियों की तलाश में जुटी है।

फायसागर रोड निवासी प्रीति पुत्री अशोक जैन ने गंज थाने को रिपोर्ट दी। उसने बताया कि सुबह 8 बजे गोटा कॉलोनी स्थित निजी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने जा रही थी। उर्मिला पैलेस के पास बुलेट पर सवार दो युवक नजर आए। बाइक सवार एक युवक ने अचानक गले पर झपट्टा मारकर सोने की चेन तोड़ ली। पीडि़ता के मुताबिक दोनों युवकों ने काले रंग की शर्ट पहन रखी थी। सोने की चेन एक तोला वजन की है। कीमत करीब 60 हजार रुपए है।

बिना नम्बरी बाइक

प्रीति के अनुसार उसने घटना इस दौरान उसने बाइक का रजिस्ट्रेशन नम्बर देखना चाहा लेकिन उस पर नम्बर ही अंकित नहीं थे। दोनों ने कोई हेलमेट अथवा मास्क नहीं लगा रखा था। उधर गंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। सीसीटीवी के आधार पर पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है।

पढ़ें यह खबर भी: 700 बीघा जमीन के मालिक, खेल सुविधाएं बेहद दयनीय
अजमेर. करीब 700 बीघा जमीन, आलीशान भवन वाले महर्षि सरस्वती विश्वविद्यालय में क्रिकेट, फुटबॉल-हॉकी खेलना चाहें तो निराशा ही होगी। यह प्रदेश का एकमात्र विश्वविद्यालय है, जहां ना खेल मैदान हैं ना खिलाडि़यों को तराशने वाले प्रशिक्षक। फिर भी ठेठ ग्रामीण और शहरी खिलाड़ी इस विश्वविद्यालय को मेहनत से मेडल दिला रहे हैं। जिम्मेदार बरसों से तमाशबीन बने हुए हैं।

खेल संसाधनों के मामले में विश्वविद्यालय 35 साल से बदहाल है। यहां पढऩे वाले अथवा सम्बद्ध कॉलेज के विद्यार्थी क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल जैसे आउटडोर और टेबल टेनिस, टेनिस और अन्य इंडोर गेम्स नहीं खेल सकते हैं।

तेंदुलकर का नाम, जाने कब काम

विधायक डॉ. रघु शर्मा ने पिछले कांग्रेस राज में वर्ष 2010 में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर स्टेडियम का शिलान्यास किया था। बीते 12 साल से स्टेडियम में एक ईंट नहीं लग पाई। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत 1 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजने का भी फायदा नहीं हुआ है।

केवल बोर्ड पर हॉकी मैदान

विवि हॉकी मैदान के नाम पर युवाओं और शहरवासियों को धोखा दे रहा है। स्टाफ कॉलोनी परिसर में टेनिस कोर्ट के पास ही हॉकी मैदान का बोर्ड टांग दिया गया है।