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अजमेर

देखें Video…अजमेर पहुंची प्रदेश की पहली वंदे भारत ट्रेन

कल से ट्रायल रन, अप्रेल से शुरू होगा नियमित संचालन

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अजमेर. प्रदेश की पहली वंदे भारत ट्रेन शनिवार को करीब दो हजार किलोमीटर की यात्रा कर मदार (अजमेर) पहुंच गई। मदार स्टेशन पर ट्रेन को यार्ड में खड़ा किया गया है। चेन्नई से वाया चंदेरिया होते हुए अजमेर पहुंची वंदेभारत ट्रेन को पिटलाइन में शिफ्ट किया गया। अप्रेल माह से पहले सप्ताह में इसका विधिवत संचालन शुरू होगा। अजमेर-दिल्ली के बीच वंदे भारत ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। बुधवार को ट्रेन का संचालन नहीं होगा।
मदार में होगी जांच, स्टाफ को ट्रेनिंग

वंदेभारत ट्रेन शनिवार सुबह करीब 8.30 बजे मदार पहुंची। इससे पूर्व आदर्श नगर स्टेशन पहुंचने पर ट्रेन को कुछ देर के लिए खड़ा रखे जाने के बाद मदार के लिए रवाना किया। प्रात: करीब 8.30 बजे ट्रेन मदार यार्ड में पहुंच गई। यहां ट्रेन के एसी, लाइट, पंखों व मोटर्स सहित अन्य सभी सिस्टम की जांच की जाएगी। साथ ही ट्रेन के साथ आए विशेषज्ञ स्टाफ द्वारा स्थानीय स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी। मैकेनिकल, कैरिज व वर्कशॉप स्टाफ को ट्रेन के बारे में जानकारी दी जाएगी।
एरोडायनेमिक डिजायन

वंदेभारत का डिजायन एरोडायनेमिक है। यह ट्रेन महज 52 सेकेंड में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है। सभी वंदे भारत ट्रेन पूरी तरह से वातानुकूलित हैं जिनमें स्वचालित डोर सिस्टम है। ट्रेन की चेयर 180 डिग्री तक रोटेट होती हैं। वंदेभारत ट्रेन देखने के लिए लोगों में भी कौतूहल रहा। यार्ड में ट्रेन को देखने के लिए रेल कर्मचारियों में भी उत्सुकता रही।
सोमवार से शुरू होगा ट्रायल

वंदेभारत ट्रेन की जांच और इसकी संचालन प्रक्रिया स्थानीय स्टाफ को समझाई जाएगी। इसके बाद इसका ट्रायल रन होगा। ट्रायल के दौरान मेंटीनेंस, कॉमर्शियल सहित अन्य विभागों के कर्मचारी साथ रहेंगे।
1100 से ज्यादा यात्री कर सकेंगे सफर

वंदे भारत में 16 पैसेंजर कार हैं। जिनमें दो इंजन, चार एक्जीक्यूटिव क्लास और 12 चेयर कार हैं। ट्रेन में 11 सौ से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। एक पैसेंजर कार में 78 सीट हैं। ट्रेन के बीच में दो बोगी एग्जीक्यूटिव क्लास की रखी गई हैं।

इतनी सुविधाएं. . .
ट्रेन की डिजायन एरोडायनेमिक है। सेमी-हाई स्पीड ट्रेन में भोजन टिकट की कीमत में ही शामिल किया है। ट्रेन में जीपीएस आधारित उन्नत यात्री सूचना प्रणाली से यात्रियों को आने वाले स्टेशन सहित अन्य सूचनाएं भी समय रहते मिल सकेंगी। ट्रेन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यात्री लोको ड्राइवर के केबिन की झलक देख सकें। लगैज के लिए प्रत्येक कोच में मॉड्यूलर रैक हैं। कोच की प्रत्येक सीट पर चार्जिंग पॉइंट के साथ ही टच कंट्रोल के साथ रीडिंग लाइट भी हैं।

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2 इंजन, 12 सामान्य, 2 एक्जीक्यूटिव कोच

1100 से ज्यादा यात्री कर सकते हैं सफर
130 किलोमीटर है स्पीड

6.05 घंटे का अजमेर-दिल्ली का सफर
6 दिन चलेगी सप्ताह में

443 किलोमीटर है अजमेर से दिल्ली की दूरी