कैसे रहें खुश विषय पर आयोजित व्याख्यान में उन्होंने कहा कि लोगों की बदहाली के लिए राजनेता, नौकरशाही के अलावा मतदाता भी जिम्मेदार है। मतदाता कार्य कुशलता व ईमानदारी के बजाय जाति व प्रलोभन के आधार पर वोट देते हैं। जबकि उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, परिवहन, भ्रष्टाचार मुक्त तंत्र जैसे मानदंडों के आधार पर मतदान करना चाहिए। माथुर ने कहा कि छोटी छोटी खुशियां ही मिलकर बड़ी बनती हैं। परिवार और दोस्तों का साथ अच्छी फिल्म और मजेदार टीवी शो, बागवानी, कुकिंग, संगीत मन को आनंदित करते हैं। अपने काम में उस्ताद बन कर जिंदगी का मजा लिया जा सकता है।