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स्वाध्याय से दूर हो रही युवा पीढ़ी, पुस्तकों से प्रेम जरूरी. .

ऋषि मेले में आए दुबई निवासी विनोद कुमार से बातचीत इंटरनेट व मोबाइल की दुनिया में युवा पीढ़ी स्वाध्याय से दूर होती जा रही है। ऐसे में सामान्य पुस्तकों को पढ़ने का अभ्यास खत्म हो चुका है। कोर्स की पुस्तकें नहीं पढ़ते तो वेद-पुराण कहां पढ़ सकेंगे।

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अजमेर

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Dilip Sharma

Nov 17, 2023

स्वाध्याय से दूर हो रही युवा पीढ़ी, पुस्तकों से प्रेम जरूरी. .

स्वाध्याय से दूर हो रही युवा पीढ़ी, पुस्तकों से प्रेम जरूरी. .

इंटरनेट व मोबाइल की दुनिया में युवा पीढ़ी स्वाध्याय से दूर होती जा रही है। ऐसे में सामान्य पुस्तकों को पढ़ने का अभ्यास खत्म हो चुका है। कोर्स की पुस्तकें नहीं पढ़ते तो वेद-पुराण कहां पढ़ सकेंगे। भारतीय संस्कृति के ज्ञान व संस्कारवान बनाने जीवन में सिद्धांतों का पालन करने के लिए पुस्तकों का अध्ययन जरूरी है।

यह बात मूलत: केरल व हाल दुबई निवासी विनोद कुमार ने राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में कही। वह यहां पुष्कर रोड ऋषि उद्यान में चल रहे ऋषि मेले में सपरिवार पहुंचे हैं। मूलत: केरल के कोट्टयम निवासी विनोद कुमार गत 10 सालों से दुबई में एक सरकारी कंपनी में सेवारत हैं।वेदों में अथाह ज्ञान

उन्होंने कहा कि वेदों में अथाह ज्ञान है। उनमें लिखे उपदेशों में स्वयंसिद्ध व सैद्धांतिक विचार हैं। व्यावहारिक द़ृष्टि से अपने आप में सिद्ध हैं व उनसे युवा संस्कारवान बनता है, उसमें नैतिकता का विकास होता है।आर्यसमाज की विदेशों में भी पैठ

उन्होंने कहा कि आर्य समाज का प्रचार-प्रसार और अधिक होने की जरूरत है। आर्य समाज के वैदिक विद्वानाें की पुस्तकें भी देश-विदेश में उपलब्ध हैं। लेकिन इनका अपेक्षित प्रचार नहीं होता।आर्य समाज में संपूर्ण वैदिक ज्ञान के आधार पर पुस्तकें लिखी गई हैं। कई अन्य भाषाओं में भी उपलब्ध हैं। पुस्तकों में भारतीय संस्कृति को वैज्ञानिक आधार पर प्रामाणिक हैं।देशभर से जुट रहे लोग

परोपकारिणी सभा के पदाधिकारी ओम मुनि ने बताया कि ऋषि मेले में इंग्लैंड से भी एक परिवार आया है। इसके साथ ही देश के विभिन्न प्रांतों से भी लोगों के आने का सिलसिला जारी है। प्रतिदिन सत्संग, भजन व वैदिक विद्धानों के उद्बोधन किए जा रहे हैं। मेले का समापन रविवार को होगा।