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गनाहेड़ा पंचायत के आईटी सेन्टर पर आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन कल्याण शिविर में आयुर्वेद विभाग का कम्पाउण्डर व परिचारक बिना औषधियों के ही पहुंच गए तथा उपस्थिति दर्ज कराकर खानापूर्ति करने की कोशिश की। संसदीय सचिव सुरेश सिंह रावत के औचक निरीक्षण के दौरान यह लापरवाही उजागर हुई। नाराज संसदीय सचिव ने विभाग की निदेशक को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट तलब की है। सरकार की ओर से प्रत्येक पंचायत पर पंडित दीनदयाल जनकल्याण शिविर लगाकर लोगों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
गनाहेड़ा में आयोजित शिविर का संसदीय सचिव रावत ने पालिकाध्यक्ष कमल पाठक तथा शिविर प्रभारी तहसीलदार प्रदीप चौमाल के साथ औचक निरीक्षण किया तो यह मामला उजागर हुआ। निरीक्षण के दौरान जनसमस्या निवारण टेबल पर आयुर्वेद विभाग के सराधना से आए कम्पाउण्डर जफ्फर खां तथा परिचारक इन्द्रा देवी खाली हाथ बैठे मिले।
उनके पास रोगियों को देने के लिए एक भी दवा नहीं मिली। इस पर संसदीय सचिव रावत ने खानापूर्ति करने पर आयुर्वेद विभाग की निदेशक स्नेहलता पंवार के समक्ष नाराजगी जताई तथा दोषी के खिलाफ तुरन्त कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। सचिव रावत के पूछे जाने पर कम्पाउण्डर जफ्फर खां ने बताया कि वैद्यजी नहीं आए हैं और हमें दवाइयां नहीं देकर ऐसे ही भेज दिया है।
पता चला कि शिविर के लिए लगाए वैद्य कहीं और व्यस्त हो गए तथा शिविर में ही नहीं आए। काफी देर बाद वैद्य हरिओम शर्मा मौके पर आए। संसदीय सचिव रावत ने शिविर में मौके पर बैठे प्रत्येक विभाग के अधिकारियों से बात की तथा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद जिला प्रमुख वन्दना नोगिया के साथ मुख्य अतिथि के रूप में जनसमस्याएं सुनी। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए संसदीय सचिव रावत व जिला प्रमुख वन्दना नोगिया ने बताया कि सरकार ग्रामीणों के हितों के लिए उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए कृत संकल्प है, इसी के तहत शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
कांग्रेस विधायक क्षेत्र में रहे प्रभारी
शिविर प्रभारी के रूप में लगाए बीडीओ प्रदीप कुमार मायला नसीराबाद के कांग्रेस विधायक के दांतड़ा क्षेत्र में लगाए गए शिविर में मौजूद रहे। इस कारण गनाहेड़़ा शिविर प्रभारी का प्रभार पुष्कर तहसीलदार को दिया गया।
मुझे रात को ही फोन पर शिविर में डेपुटेशन पर आने के निर्देश मिले थे। चिकित्सक दवाइयां लेकर नहीं आए, मुझे भी आने से पूर्व किसी प्रकार की दवाइयां नहीं दी गई।
जफ्फर खां, कम्पाउण्डर आयुर्वेद विभाग सराधना।
गनाहेड़ा में जनसमस्या निवारण के लिए लगाए शिविर में आयुर्वेद विभाग की लापरवाही सामने आई है। औचक निरीक्षण के दौरान शिविर में मौके पर बिना दवाइयों के कम्पाउण्डर मिला है। निदेशक को दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश देकर रिपोर्ट मांगी है।
सुरेशसिंह रावत, संसदीय सचिव।
शिविर में डयूटी पर लगाए गए वैद्य बीमार हो गया था। संसदीय सचिव की ओर से जानकारी देने के बाद मौके पर दूसरा चिकित्सक दवाइयों के साथ भेज दिया गया था।
स्नेहलता पंवार, निदेशक, आयुर्वेद विभाग अजमेर।
Published on:
19 Nov 2016 08:52 am

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