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सिर्फ अजमेर में दिखता ये नजारा, तलवार से खेलेंगे हाइदौस

मोहर्रम पर मुख्य ताजिया शरीफ की सवारी निकाली। हाइदौस खेलकर हजरत इमाम हुसैन को करेंगे याद।
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raktim tiwari

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Updated: 11 Oct 2016, 11:14 AM IST

moharram haidos

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मोहर्रम की आठ तारीख को सोमवार रात दरगाह क्षेत्र में मुख्य ताजिया शरीफ की सवारी निकाली गई। इसमें अकीदतमंद की भीड़ उमड़ी। इस दौरान हर कोई हरे लिबास में नजर आया। ढोल-ताशों पर मातमी धुन के बीच हजरत इमाम हुसैन को चाहने वाले शहीदे कर्बला की याद में खोए हुए जुलूस के साथ चल रहे थे। आशुरे की रात मंगलवार को है। अकीदतमंद रातभर जाग कर विशेष इबादत करेंगे और हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करेंगे।

मुख्य ताजिया शरीफ को सोमवार शाम 6 बजे ख्वाजा साहब की दरगाह के निजाम गेट की सीढि़यों पर जियारत के लिए रखा गया। ताजिया शरीफ की जियारत के लिए वहां तांता लगा। ताजिया शरीफ पर फूल, हार, इत्र और सेहरे चढ़ाए गए। रात को दस बजे ताजिया की सवारी निजाम गेट से मर्सियाख्वानी के साथ रवाना हुई। यह जुलूस लंगरखाना होते हुए रात 12 बजे छतरीगेट इमाम बारगाह पहुंचा। उसी समय मुतवल्ली साहब की हवेली से कर्बला शरीफ की सवारी शुरू हुई जो तड़के चार बजे छतरीगेट पहुंची। मुख्य ताजिया शरीफ की सवारी मंगलवार रात साढ़े नौ बजे छतरी गेट से रवाना होगी जो डोलीवाला चौक होते हुए मुख्य इमाम बारगाह तक जाएगी।

नहीं जलेंगे चूल्हे

खादिम जुल्फिकार चिश्ती ने बताया कि मंगलवार और बुधवार को मुस्लिम समुदाय के लोग रोजे रखेंगे। दस मोहर्रम यानी बुधवार सुबह मुस्लिम घरों में चूल्हे नहीं जलेंगे। खादिम एस. एफ. हसन चिश्ती ने बताया कि इस दिन मुस्लिम घोसी समाज के लोग दूध नहीं बेचते और मुस्लिम किसान खेतों में कार्य नहीं करते।

नंगी तलवारों से खेलेंगे हाईदौस

अंदरकोट में मंगलवार व बुधवार को नंगी तलवारों से हाईदौस खेला जाएगा। दी सोसायटी पंचायत अंदरकोटियान ने हाईदौस की तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन की ओर से हाईदौस के लिए 100 तलवारों की ही इजाजत मिली है। एस. एम. अकबर ने बताया कि अंदरकोट स्थित हताई पर मंगलवार रात 8.45 बजे हाईदौस खेला जाएगा। इस दौरान डोले शरीफ की सवारी जामा अल्तमस मस्जिद से रवाना होगी और डोले शरीफ को ढाई दिन के झौपड़े की सीढि़यों पर रखा जाएगा। दूसरे दिन बुधवार को जोहर की नमाज के बाद दोपहर ढाई बजे हाईदौस की रस्म होगी। हाईदौस के साथ डोले शरीफ की सवारी चलेगी जो त्रिपोलिया गेट होते हुए आमाबाव पहुंचेगी।

तारागढ़ पर कल दिखेगा रक्त रंजित मंजर

तारागढ़ पर बुधवार को शिया समुदाय के लोग खुद को लहूलुहान कर हजरत इमाम हुसैन को खिराजे अकीदत पेश करेंगे। तारागढ़ दरगाह कमेटी के अनुसार यौमे आशूरा के दिन बुधवार दोपहर 12 बजे मजलिस होगी और एक से डेढ़ बजे अलम व जुलजना शरीफ की सवारी होगी जो कि जुलूस के शक्ल में हताई चौक होते हुए कर्बला शरीफ पहुंचेगा। इस दौरान अकीदतमंद मातम करेंगे और ब्लैड व जंजीर से खुद को लहूलुहान करेंगे। तारागढ़ पर सोमवार शाम छिद्दन अली के घर से मन्नती अलम का जुलूस निकाला गया। रात 11 बजे जरीह मुबारक को मंजिल दी गई। तड़के चार से साढ़े चार के बीच अलम की जियारत कराई गई।