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राजस्थान के इस शहर में हैं हजारों पन्ना धाय ,जो कुछ यूं बनी दूसरो के बच्चो के लिए धाय माँ

दूसरों के बच्चों को जीवन देने के लिए हजारों प्रसूताएं 'पन्नाधाय बनकर सामने आई है। मदर मिल्क बैंक से हजारों नवजात को नवजीवन मिला है।

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मनीष सिंह चौहान/ब्यावर. राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय के मदर चाइल्ड विंग में गत वर्ष फरवरी माह में खोले मदर मिल्क बैंक से हजारों नवजात को नवजीवन मिला है। दूसरों के बच्चों को जीवन देने के लिए हजारों प्रसूताएं 'पन्नाधाय बनकर सामने आई है। इन प्रसूताओं ने दूसरों के बच्चों को अपना मानकर अपना दूध दान किया है। इसके चलते उन्हें नवजीवन मिलने के साथ ही वह मां के दूध से वंचित नहीं हो सके।

ऐसे नवजातों की संख्या एक ही साल में चार हजार तक पहुंच गई। अकेले ब्यावर ने एक ही साल में अजमेर संभाग के सरकारी सहित निजी चिकित्सालयों में भर्ती ऐसे कई नवजात को अमृत (दूध) की सप्लाई करके उनकी जान बचाई है। इस कारण पूरे प्रदेश में उदयपुर के बाद ब्यावर का नाम दूध डोनेशन में बराबर चल रहा है।


प्रसूताओं को किया जा रहा प्रेरित

मदर मिल्क बैंक में डोनेशन के लिए गायनी यूनिट में भर्ती प्रसूताओं को यहां आकर दूध डोनेट करने के लिए टीम पे्ररित कर रही है। इसी कारण कई प्रसूताएं यहां से छुट्टी होकर जाने के बाद भी डोनेशन के लिए नियमित आ रही है।

प्रोसेस होकर आता है दूध

प्रसूता की ओर से दूध डोनेशन किए जाने के बाद उसे लैब में प्रोसेस करते हैं। दूध के लिए मंगवाए विशेष कंटेनर (शीशी) में उसे तैयार कर अलग से बनवाए फ्रीज में रखा जाता है। चिकित्सक पर्ची के आधार पर मांग के अनुसार दूध नर्सरी में भर्ती नवजात के लिए जारी होता है। यह दूध नर्सिंग स्टाफ की देखरेख में ही पिलाया जा रहा है।


फैक्ट फाइल

मदर मिल्क बैंक में गत वर्ष 14 फरवरी 2017 को राज्य सरकार के सलाहकार व योगगुरु देवेन्द्र अग्रवाल ने जिले में ब्यावर को ही मदर मिल्क बैंक की सौगात दी। पहले ही दिन पांच प्रसूताओं ने डोनेशन किया। ग्यारह माह में यहां डेढ़ हजार से अधिक प्रसूताओं ने दूध डोनेशन किया है। नर्सरी में भर्ती नवजात के लिए 3 हजार 694 यूनिट दूध जारी किया जा चुका है।

डोनेशन के लिए 15 सौ प्रसूताएं आगे आई हैं। बैंक में अब तक 1 लाख 89 हजार 805 एम.एल दूध एकत्र किया गया है। इसमें 6 हजार 97 यूनिट दूध तैयार होकर 4 हजार 2 सौ 99 यूनिट मिल्क वितरित किया जा चुका है। जबकि 3 हजार 5 सौ 94 यूनिट प्रसूताएं सर्विस के लिए बैंक की सेवा ले चुकी है। निजी सेक्टर (कम्युनिटी) के लिए 216 यूनिट दूध जारी किया गया। 4 यूनिट अस्पताल के निकट एक निजी क्लिनिक में भर्ती नवजातों के लिए दिया गया। 11 माह में मदर मिल्क बैंक से एक हजार यूनिट दूध की सप्लाई अजमेर के जनाना अस्पताल की गई है।

अब प्रसूताएं खुद हो रही तैयार

मदर मिल्क बैंक टीम की ओर से प्रेरित किए जाने के कारण तकरीबन हर वार्ड से प्रसूता डिस्चार्ज होने से पहले कम से कम एक बार डोनेशन करने के लिए आ रही है। यहां तक की ग्रामीण महिलाएं भी आगे आने लगी है।

यह लगी है टीम

मदर मिल्क बैंक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने छह फिमेल नर्सिंग स्टाफ को लगाया है। यहां लगाए जाने से पहले उन्हें जयपुर में विशेष प्रशिक्षण दिया गया। यह टीम ब्यावर के अलावा जयपुर में सम्मानित हो चुकी है। टीम में नितिशा भाटी, पार्वती, सीमा ग्वाला, रजनी बाकोलिया, निर्मला खोजा व गायत्री नामा शामिल है।

टीम का प्रयास है कि प्रसूताओं को प्रेरित करके डोनेशन के लिए ला रही है। दूध दान किए जाने से वंचित होने वाले नवजातों को मां का दूध मिलने के साथ ही उन्हें नवजीवन मिला है।
डॉ. मनोहर सिंह चांदावत, प्रभारी, मदर मिल्क बैंक, ब्यावर

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