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शिक्षकों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच विकसित कर कामयाबी की राह दिखाएं।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 14 Oct 2020, 12:11 PM IST

teachers in schools

teachers in schools

अजमेर.

लेखक और प्रशिक्षक वेद माथुर ने विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास को जोर दिया है। उनका मानना है, कि शिक्षकों को पाठ्यक्रम, विषय और सामग्री तक सीमित रहने के बजाय विद्यार्थियों को सामान्य शिष्टाचार, व्यक्तित्व विकास, करियर मार्गदर्शन और स्वास्थ्य की सीख भी देनी चाहिए।

माथुर ने यह बात राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बडल्या में शिक्षकों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते कई विद्यार्थी डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में शिक्षकों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच विकसित कर कामयाबी की राह दिखाएं।

कॅरियर चयन है खास
विद्यार्थियों के कॅरिअर चयन पर उन्होंने कहा कि अभिभावकों की इच्छा अनुसार चयन के बजाय विद्यार्थियों को क्षेत्र की संभावनाओं तथा अपने खुद के सामथ्र्य को ध्यान रखने की सीख देनी चाहिए। शिक्षकों का दायित्व है कि बच्चों में लक्ष्य को प्राप्त करने का जुनून पैदा करें। शिक्षकों को स्वयं के व्यक्तित्व विकास का प्रयास भी करना चाहिए। संप्रेषण कौशल व अध्यापन के तरीके में नवाचार लाना चाहिए। प्रधानाचार्य कालिंद नंदिनी शर्मा ने माथुर का स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया।

डीजीपी यादव और आरपीएससी अध्यक्ष उप्रेती देंगे फ्री कोचिंग

रक्तिम तिवारी/अजमेर. बिहार के सुपर-30 कक्षाओं की तर्ज पर अब राजस्थान में सुपर-20 की शुरुआत होने जा रही है। आरपीएससी अध्यक्ष और राजस्थान पुलिस के डीजीपी अभावग्रस्त 20 विद्यार्थियों को आईएएस और आईपीएस की नि:शुल्क तैयारी कराएंगे। वे उनकी जरूरी आवश्यकताओं को अपने खर्चे पर पूरा करेंगे। इन विद्यार्थियों का चयन भी वे अपने तय मानकों के अनुसार करेंगे।

दीपक उप्रेती इस वक्त आरपीएससी के अध्यक्ष हैं। वे गृह, वित्त, स्वास्थ्य, खान-पेट्रोलियम सहित अन्य विभागों केअतिरिक्त/प्रमुख मुख्य सचिव रह चुके हैं। डॉ. भूपेंद्र यादव मौजूदा वक्त पुलिस महानिदेशक हैं। वे सरदार पटेल पुलिस विवि के कुलपति, डीजी जेल, कम्यूनिटी पुलिस और राजस्थान पुलिस अकादमी के एडीजी सहित कई पदों पर रहे हैं।

समाज को कुछ लौटाने की चाह..
उप्रेती और डॉ. यादव की मानें तो विद्यार्थी जीवन से सर्वोच्च पायदान तक समाज ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। अब इसे वापस लौटाना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। लिहाजा दोनों ने एक नई शुरुआत का फैसला किया है। जयपुर में उप्रेती-यादव मिलकर सामाजिक दायित्व की नींव रखेंगे।