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बंकर में छुपे हैं अजमेर के ये कॉलेज, आसानी से नहीं पहचान सकते आप इन्हें

र्याप्त संसाधन और शिक्षक नहीं है। कॉलेज शिक्षा निदेशालय और सरकार ने भी कभी ग्रेडिंग को लेकर प्रयास नहीं किए हैं।
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two college runs without naac grade

two college runs without naac grade

रक्तिम तिवारी/अजमेर।

श्रमजीवी और राजकीय आचार्य संस्कृत कॉलेज अब तक राष्ट्रीय प्रत्यायन एवं मूल्यांकन परिषद (नैक) की ग्रेडिंग से महरूम है। दोनों कॉलेज में पर्याप्त संसाधन और शिक्षक नहीं है। कॉलेज शिक्षा निदेशालय और सरकार ने भी कभी ग्रेडिंग को लेकर प्रयास नहीं किए हैं।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी 2014-15 में देश के सभी केंद्रीय, राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों, कॉलेज के लिए नैक ग्रेडिंग कराना अनिवार्य कर चुके हैं। शहर के श्रमजीवी और राजकीय आचार्य संस्कृत कॉलेज के पास नैक ग्रेडिंग नहीं है। दोनों कॉलेज संसाधनों और शिक्षकों के मामले में सबसे पिछड़े हैं।

संस्कृत कॉलेज की दिक्कतें

गंज स्थित संस्कृत कॉलेज को पिछले 20-22 साल में ग्रेडिंग कभी नहीं मिली। इसके भवन में संस्कृत स्कूल भी चल रहा है। यहां शिक्षकों-विद्यार्थियों के लिए पार्र्किंग, खेलकूद सविधाएं, कैफेटेरिया, सेमिनार कक्ष और अन्य सुविधाओं का अभाव है। इसीलिए कॉलेज और सरकार ने कभी नैक टीम बुलाना उचित नहीं समझा। हालांकि कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने पिछले साल सभी कॉलेज को नैक ग्रेडिंग लेने को कहा। इसकी अनुपालना में कॉलेज 35 हजार रुपए जमा कराए। लेकिन भवन, संसाधन, शिक्षक नहीं होने से टीम बुलाना मुश्किल है। हालांकि कॉलेज का लोहागल गांव में 6.5 करोड़ रुपए से भवन निर्माणाधीन है। यहां प्राचार्य और शिक्षक कक्ष, कक्षाएं और अन्य सुविधाएं होंगी।

अस्तित्व को जूझता श्रमजीवी कॉलेज
पिछले पांच दशक से शहर में श्रमजीवी कॉलेज संचालित है। यह कॉलेज अपनी सांध्यकालीन कक्षाओं के लिए काफी मशहूर रहा। पिछले 20 साल में कॉलेज का अस्तित्व ही सिमटता जा रहा है। यहां महज 200 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। शिक्षकों की संख्या अंगुलियों में गिनने लायक है। कॉलेज का वैशाली नगर में अपना भवन, लाइब्रेरी, खेल मैदान है। इसके भवन में एक निजी स्कूल भी संचालित है। नैक टीम को बुलाए जाने पर विद्यार्थियों और शिक्षकों की संख्या, शोध और अन्य कार्यों में यह कॉलेज फिसड्डी ही साबित होगा।

कॉलेज में शिक्षक और संसाधनों की बहुत कमी है। ऐसी स्थिति में नैक टीम को बुलाने पर अच्छी ग्रेडिंग की उम्मीद नहीं कर सकते। नया भवन बनते ही हम टीम को बुलाकर कॉलेज को ग्रेड दिलवाएंगे।
विनयचंद्र झा, प्राचार्य राजकीय आचार्य संस्कृत कॉलेज