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केकड़ी क्षेत्र की 22 पंचायतों में से 13 सीटों पर महिलाएं सरपंच निर्वाचित

पंचायतीराज चुनाव : सबसे बड़ी जीत मधुकंवर के नाम, तो सबसे उम्रदराज है बघेरा के लालाराम जाट,मात्र 10 मतों का रहा निमोद में जीत का अंतर, मानखण्ड़ की लालीदेवी बैरवा सबसे युवा सरंपच

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केकड़ी क्षेत्र की 22 पंचायतों में से 13 सीटों पर महिलाएं सरपंच निर्वाचित

कार्टून (फाइल फोटो)

अजमेर/केकड़ी. पंचायतीराज के चुनाव में केकड़ी पंचायत समिति क्षेत्र की 22 ग्राम पंचायतों में महिलाओं का दबदबा रहा। यहां 13 महिलाएं गांव की सरकार का मुखिया बन गई। केवल 9 पुरुष सरपंच चुने गए। कई जगह पंच-सरपंच के चुनाव निर्विघ्न हुए। चुनाव परिणामों में आधी आबादी (महिलाओं) ने अपना वर्चस्व बढ़ाते हुए आधे से ज्यादा स्थानों पर जीत हासिल कर पुरुषों के लिए नई चुनौती पेश की है।

मधुकंवर सर्वाधिक वोटों के अंतर से जीती

इस बार के चुनावों में सबसे बड़ी जीत लल्लाई की मधुकंवर के नाम रही। उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वदी प्रेम को 779 मतों से हराया। वहीं निमोद में जीत का अंतर सबसे कम रहा। यहां सुशीला कुमारी मेरोठा ने सुनिता बैरवा को मात्र 10 मतों के अंतर से हरा कर जीत दर्ज की। बघेरा के लालाराम जाट 70 वर्ष की उम्र में जीत हासिल कर सबसे उम्रदराज सरपंच में शुमार हो गए। वहीं मानखण्ड़ की लालीदेवी बैरवा मात्र 24 वर्ष की उम्र में सरपंच बनने में सफल रही।

22 में मात्र 5 उच्च शिक्षित

कुल 22 सरपंचों में से केवल 5 सरपंच ऐसे है, जिन्होंने स्नातक स्तर से ऊपर की पढ़ाई की है। निमोद की सुशीला कुमारी मेरोठा एमए, बीएड है। वहीं लल्लाई की मधुकंवर राठौड़ स्नातकोत्तर एवं अजगरा के हरिराम शर्मा, कोहड़ा के श्रवणलाल बलाई व नायकी के लाभचन्द बलाई ने स्नातक की शिक्षा ग्रहण की है।

जाट समुदाय ने मारी बाजी

केकड़ी पंचायत समिति क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच चुनाव में जाट समुदाय ने बाजी मारते हुए इस बार 4 जगह सरपंच बनने में सफलता हासिल की है। इनके अलावा गुर्जर 3 जगह, बलाई 3 जगह एवं राजपूत 2 जगह सरपंच बनने में कामयाब हुए है। इसी के साथ ब्राह्मण, सुवालका, सैन, माली, मीणा, माहेश्वरी, बैरवा, खटीक, जैन व धोबी समाज से भी 1-1 सरपंच निर्वाचित हुआ है।