आगरा। इस समय मुस्लिमों के बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दिखाया गया है कि दो मुसलमान भीख मांग रहे हैं। जब इनसे पूछताछ की गई तो हकीकत कुछ और ही सामने आई। वास्तव में ये हिन्दू हैं और मुस्लिम बनकर भिक्षावृत्ति कर रहे हैं।
बुर्का पहनकर भीख मांगती हैं महिलाएं
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व मीडिया सलाहकार और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. जसीम मोहम्मद का कहना है कि भीख मांगना भी पेशा हो गया है। अलीगढ़ के दोदपुर में तमाम महिलाएं बुर्का बनकर भीख मांगती है। ये मुस्लिम नहीं है, इस बात की तस्दीक इससे होती है कि उनके पैरों में बिछुए होते हैं। वायरल हो रहे वीडियो के संबंध में उन्होंने कहा कि यह कहां का है, कुछ पता नहीं है, लेकिन वायरल इसलिए हो रहा है, क्योंकि मुसलमानों के नाम पर धब्बा लगाया जा रहा है। उनका कहना है कि यह मुसलमानों के साथ सबसे बड़ा धोखा है।
भिखारियों को रोजगार प्रशिक्षण दिया जाए
डॉ. जसीम मोहम्मद ने कहा कि भिक्षावृत्ति कानून गलत है। सरकार भिखारियों को पकड़े और उन्हें कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण देकर रोजगार की व्यवस्था कराए। आमतौर पर भीख वही मांगता है, जिस पर पेट भरने का कोई साधन नहीं होता है।