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इस महिला प्रधान ने उठाी ऐसी मांग जिससे बदल सकती है गांवों की तस्वीर

धनीपुर ब्लॉक में दिल्ली से आए ट्रेनर महिला ग्राम प्रधानों को गांव के विकास व आर्थिक निर्णय लेने की जानकारी दे रहे हैं।  

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इस महिला प्रधान ने उठाी ऐसी मांग जिससे बदल सकती है गांवों की तस्वीर

अलीगढ़। पंचायती राज व्यवस्था में महिलाएं बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं लेकिन जो काम पंचायतों में आगे आकर महिलाओं को करना चाहिए वह बातें कहीं पीछे रह जाती हैं। विकास के कार्यों में महिलाएं निर्णय लेते हुए कहीं नहीं दिखती हैं। अमूमन जो निर्णय लिए जाते हैं वह पति, पिता या पुत्र द्वारा फैसले किए जाते हैं लेकिन अब सरकार ने एक नया प्रयोग किया है पंचायतों में महिलाओं को सशक्त भूमिका अदा करने के लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है।

महिला प्रधानों को ट्रेनिंग

धनीपुर ब्लॉक में दिल्ली से आए ट्रेनर महिला ग्राम प्रधानों को गांव के विकास व आर्थिक निर्णय लेने की जानकारी दे रहे हैं। प्रधानों को घर से बाहर निकल कर जमीनी स्तर पर ग्रामीणों से जुड़ने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गांव से जुड़े विकास कार्य कैसे हों, उसके लिए सुझाव दिए जा रहे हैं। गांव में समरसता और विकास की बयार बहे इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है। महिलाओं के लिए पंचायत में आरक्षण की व्यवस्था तो है लेकिन अधिकतर महिलाएं जो पंचायत में जीतकर आती हैं लेकिन विकास कार्यों में उनका योगदान नहीं होता है, उनके परिवारीजन इसकी भूमिका अदा करते हैं। जो भी समस्या गांव की होती है महिला प्रधान उसका समाधान करते नजर नहीं आती हैं। ग्रामीण क्षेत्र में उन्हें काम करने के लिए कुशल प्रशासक के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्राम पंचायतों में महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया जा रहा है। अधिकतर ग्राम प्रधान अपने घर और परिवार के प्रबंधन को कुशलता से अंजाम देती हैंं लेकिन क्षेत्र में भी उन्हें कुशल प्रशासक के रूप में मजबूत बनाया जा रहा है।

महिलाएं भी आएं आगे

अहलदादपुर की महिला ग्राम प्रधान ज्योति ने बताया कि हमें महिला सशक्तिकरण के बारे में बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुरुष सत्तात्मक समाज में भी महिलाओं को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। महिलाओं को आगे आना चाहिए। ज्यादातर महिलाएं प्रधान होते हुए भी अपना कार्यभार नहीं संभालती हैं। पुरुष ही संभालते हैं। महिला प्रधान ने बताया कि गांव में किसी विवाद में महिलाओं को कहीं नहीं जाने दिया जाता है। हमेशा पुरुष ही समस्याओं के निस्तारण में आगे आते हैं लेकिन अब महिलाओं को भी आगे आना होगा।

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